डॉ. लीलाधर के कहानी संग्रह ‘मिट्टी की कीमत’ का विमाेचन

 


जयपुर, 02 अगस्त (हि.स.)। जन सम्पर्क मित्र समूह की ओर से रविवार को नारायण सिंह सर्किल स्थित जैन भट्टारक जी की नसियां परिसर में 16वें जनसम्पर्क कर्मी स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्यकार डॉ. लीलाधर दोचानियां के कहानी संग्रह ‘मिट्टी की कीमत’ का सेवानिवृत्त जनसम्पर्क अधिकारियों एवं कर्मियों ने विमाेचन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी गोविन्द पारीक ने कहानी संग्रह की सराहना करते हुए कहा कि इसकी कहानियों में गांव की सौंधी मिट्टी की खुशबू और भारतीय संस्कारों की झलक है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मिट्टी से जुड़ा रहना चाहिए, क्योंकि यही हमारी वास्तविक पूंजी है। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. लीलाधर का शॉल ओढ़ाकर सम्मान भी किया।

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के पूर्व अतिरिक्त निदेशक गोपाल शर्मा ने कहा कि डॉ. लीलाधर ने सरल और सहज भाषा में ग्रामीण जनजीवन को प्रभावी ढंग से चित्रित किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पूर्व कृति ‘जिंदगी मुस्कुराती रहे’ के बाद ‘मिट्टी की कीमत’ गांव की संवेदनाओं और संस्कृति को समेटे हुए है।

प्रसिद्ध लेखिका एवं विभाग की पूर्व अतिरिक्त निदेशक अलका सक्सेना ने कहा कि लेखक ने गांव के परिवेश और अनुभवों को पूरी ईमानदारी से शब्द दिए हैं। उनके अनुसार मिट्टी केवल धरती नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति और संस्कारों का आधार है।

प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं जनसम्पर्क विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक ईश्वर दत्त माथुर ने कहा कि डॉ. लीलाधर की कहानियां ग्रामीण जीवन, संघर्ष, बेरोजगार युवाओं की पीड़ा और सामाजिक मूल्यों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत करती हैं।

कार्यक्रम में वरिष्ठ जनसम्पर्क कर्मी यादवेन्द्र सेन, रूपसिंह कविया, गणपत नारोलिया, वीना करमचंदानी, रेणु जुनेजा, रवि गोस्वामी एवं राजेन्द्र शर्मा ‘राजू’ सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन गोविन्द शर्मा ने किया तथा अंत में राजेन्द्र शर्मा ने आभार व्यक्त किया। मित्रता दिवस के अवसर पर डॉ. लीलाधर ने सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं भी दीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश