संस्मरणों और सच्ची घटनाओं से सजी ‘मैं और मेरा सरदारशहर’ का लोकार्पण
जयपुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान के लेखक विश्वनाथ तंवर की पुस्तक ‘मैं और मेरा सरदारशहर’ का लोकार्पण जयपुर में आयोजित ‘लेखक से संवाद’ कार्यक्रम में किया गया। संस्मरण, रिपोर्ताज, रेखाचित्र और ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित इस पुस्तक के लोकार्पण समारोह में देशभर से आए 50 से अधिक साहित्यकारों सहित अनेक प्रबुद्धजन शामिल हुए।
लेखक विश्वनाथ तंवर ने बताया कि पुस्तक के माध्यम से सरदारशहर के अतीत और वर्तमान को जोड़ने का प्रयास किया गया है। इसमें शहर की ऐतिहासिक घटनाओं, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियों के जीवन प्रसंगों को शामिल किया गया है। साथ ही, वर्तमान समय में शहर के विकास और सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे व्यक्तित्वों का भी उल्लेख है।
तंवर के अनुसार पुस्तक में उनके निजी अनुभवों, देखी-सुनी घटनाओं और जीवन से जुड़े प्रसंगों को संस्मरणों और सच्ची घटनाओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इनके माध्यम से पाठकों को सामाजिक परिस्थितियों, मानवीय संवेदनाओं और जीवन के विविध पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा। पुस्तक सरदारशहर की स्मृतियों, व्यक्तित्वों और सामाजिक जीवन को सहेजने का प्रयास है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मोहनलाल डागा ने कहा कि शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र की विभूतियों के योगदान को सामने लाने वाली कृतियां शहर की पहचान और समृद्ध परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। समाज और शहर के विकास में योगदान देने वाले लोगों के जीवन प्रसंग पाठकों को प्रेरित भी करते हैं।
समारोह में मुख्य अतिथि लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’ तथा विशिष्ट अतिथि हरिवाणी, डॉ. आरती वर्मा, पं. बालकृष्ण कौशिक, सुनीता डिसूजा और डॉ. विजय सिंह नाहटा मौजूद रहे। स्वागत भाषण मोनिका डागा ने दिया। समारोह में साहित्यकारों और प्रबुद्धजनों ने पुस्तक के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर चर्चा की।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश