कोटा की महापौर ने महंगे गुलदस्तों पर उठाए सवाल, बोलीं- 15 रुपये का गुलाब भी सम्मान के लिए काफी

 


कोटा, 11 अक्टूबर (हि.स.)। अतिथियों और जनप्रतिनिधियों के स्वागत में महंगे गुलदस्ते, भारी मालाएं और पुष्पवर्षा की परंपरा पर कोटा की महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आयोजनों में अनावश्यक खर्च और फूलों की बर्बादी रोकने के लिए सादगीपूर्ण स्वागत का सुझाव दिया। महापौर का कहना है कि सम्मान जताने के लिए करीब 15 रुपये का एक गुलाब भी पर्याप्त है।

रविवार को माहेश्वरी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में महापौर को बड़ा गुलदस्ता भेंट किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि करीब 200 रुपये के गुलदस्ते के बजाय 15 रुपये का एक गुलाब भेंट किया जा सकता है। बड़े गुलदस्ते कुछ ही घंटों में मुरझाकर बेकार हो जाते हैं, जबकि एक गुलाब भी सम्मान और आत्मीयता व्यक्त कर सकता है।

महापौर ने कहा कि कार्यक्रमों में अतिथियों के स्वागत के लिए बड़े बुके और भारी मालाएं लाने की परंपरा पर पुनर्विचार होना चाहिए। कई बार कार्यकर्ता अपनी जेब से हजारों रुपये खर्च कर महंगी मालाएं और गुलदस्ते खरीदते हैं। सम्मान का वास्तविक अर्थ भेंट की कीमत से नहीं, बल्कि उसके पीछे की भावना से जुड़ा है।

महापौर ने विशिष्ट अतिथियों और जनप्रतिनिधियों के स्वागत में होने वाली पुष्पवर्षा पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि या अति विशिष्ट व्यक्ति के आगमन पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाई जाती हैं, लेकिन कुछ ही देर बाद वे लोगों के जूतों और पैरों के नीचे कुचल जाती हैं। भगवान के चरणों में अर्पित किए जाने वाले फूलों की ऐसी दुर्दशा दुखद है। उन्होंने स्वागत के नाम पर फूलों की बर्बादी रोकने के लिए सोच बदलने की जरूरत बताई।

महापौर ने स्पष्ट किया कि सादगीपूर्ण स्वागत की पहल का उद्देश्य माली या फूल विक्रेताओं के रोजगार को नुकसान पहुंचाना नहीं है। उनका मानना है कि महंगे गुलदस्ते के बजाय यदि कई कार्यकर्ता अलग-अलग एक-एक गुलाब खरीदकर सम्मान करें, तो फूलों की बिक्री बढ़ सकती है। इससे छोटे फूल विक्रेताओं और दुकानदारों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि एक गुलाब भेंट करने की परंपरा आम कार्यकर्ताओं के लिए भी सहज होगी और अधिक लोग स्वागत-सत्कार में भागीदारी कर सकेंगे। महापौर ने आयोजनों में सादगी अपनाने, अनावश्यक खर्च कम करने और फूलों के सदुपयोग पर जोर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित