खरीफ 2026 से पहले सरकार अलर्ट: उर्वरकों की उपलब्धता, कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश

 


जयपुर, 27 मार्च (हि.स.)। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने खरीफ सीजन 2026 को देखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता और उनके संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। इस संबंध में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल की अध्यक्षता में पंत कृषि भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेशभर के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में निर्देश दिए गए कि उर्वरकों के राज्य से बाहर अवैध परिवहन को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उर्वरक निरीक्षकों को नियमित निरीक्षण कर जमाखोरी, टैगिंग और कालाबाजारी पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही नीम कोटेड यूरिया के औद्योगिक और गैर-कृषि उपयोग पर भी विशेष नजर रखने के लिए औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने जिला स्तर पर गठित “फर्टिलाइजर रेगुलेटरी टास्क फोर्स” की बैठकें अप्रैल के पहले सप्ताह में आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा “धरती माता बचाओ अभियान” के तहत 15 अप्रैल तक ग्राम स्तर तक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को प्रशिक्षण, गोष्ठियों और रात्रि चौपालों के माध्यम से संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। डीएपी के विकल्प के रूप में 3 बैग एसएसपी और 1 बैग यूरिया के उपयोग की सलाह दी जाएगी। साथ ही कपास, मूंगफली सहित अन्य फसलों में एसएसपी और एनपीके उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

उर्वरकों के वितरण और बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पीओएस मशीन से स्टॉक सत्यापन, मूल्य सूची प्रदर्शन और आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं।

आईएफएमएस पोर्टल के जरिए अधिक खरीद और अधिक बिक्री करने वाले विक्रेताओं की पहचान कर भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

वर्तमान में राज्य में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, यूरिया 3.67 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 0.82 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 0.66 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी 1.94 लाख मीट्रिक टन है।

वहीं केंद्र सरकार द्वारा खरीफ 2026 के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

बैठक में प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल, आयुक्त चिन्मयी गोपाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जिला स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े।

सरकार का कहना है कि सख्त निगरानी और समुचित प्रबंधन से किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होंगे, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित