खांजीपीर को ‘मिनी पाकिस्तान’ कहने पर लोगों में रोष, राज्यपाल से विधायक की शिकायत

 




उदयपुर, 28 अगस्त (हि.स.)। उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन द्वारा खांजीपीर क्षेत्र को कथित रूप से ‘मिनी पाकिस्तान’ कहे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। क्षेत्रवासियों ने खांजीपीर स्थित मस्जिद कूतबे आलम के सदर कलीम खान के नेतृत्व में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर संबंधित बयान की निष्पक्ष जांच कराने तथा आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि द्वारा पूरे मोहल्ले और वहां निवास करने वाले नागरिकों के लिए इस प्रकार की टिप्पणी किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है। ज्ञापन देने वालों ने कहा कि खांजीपीर क्षेत्र ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में आता है, जबकि ताराचंद जैन उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में दूसरे विधानसभा क्षेत्र के संबंध में इस तरह की टिप्पणी को लेकर भी आपत्ति जताई गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि जनप्रतिनिधियों से समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करने तथा सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने में जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की जाती है। खांजीपीर को उदयपुर का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा गया कि यहां विभिन्न समाजों के लोग वर्षों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ निवास करते आए हैं।

ज्ञापन में खांजीपीर क्षेत्र के सैन्य और देशभक्ति के इतिहास का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 1939 से 1945 के द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान महाराणा भूपाल सिंह की सज्जन इन्फैंट्री में शामिल होकर क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने युद्ध में भाग लिया था। इनमें सूबेदार छोटे खान, गुलशेर खान, हमीद खान, आशिक अली, माशूक अली, दिलदार खान, सुल्तान खान, अलीमुद्दीन खान, बजीर खान, अब्दुल रहमान, कप्तान छोटे खान द्वितीय, एहसान खान और फकीर अली सहित कई नाम शामिल बताए गए हैं।

इसके अलावा ज्ञापन में कहा गया है कि खांजीपीर क्षेत्र के कई जवान वर्ष 1962, 1965 और 1971 के युद्धों में भी भारतीय सेना का हिस्सा बनकर देश की रक्षा में योगदान दे चुके हैं। ऐसे गौरवशाली इतिहास वाले क्षेत्र को ‘मिनी पाकिस्तान’ कहना क्षेत्रवासियों की भावनाओं को आहत करने वाला बताया गया है।

क्षेत्रवासियों ने राज्यपाल से प्रकरण का संज्ञान लेकर संबंधित बयान की निष्पक्ष जांच कराने, आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई के लिए उचित दिशा-निर्देश देने तथा खांजीपीर क्षेत्र के नागरिकों के सम्मान और भावनाओं की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता