गोविंददेवजी मंदिर में कार्तिक मास 24 अक्टूबर से
जयपुर, 19 अक्टूबर (हि.स.)। पवित्र कार्तिक मास के अवसर पर जयनिवास बाग स्थित ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देव जी महाराज में दर्शन व्यवस्था और समय में विशेष परिवर्तन किए गए हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 24 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक मंगला झांकी के दर्शन प्रतिदिन सुबह 4 बजे से 5:15 बजे तक होंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से निर्धारित एकतरफा दर्शन व्यवस्था लागू रहेगी।
गोविंद देवजी मंदिर के सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी के अनुसार मंगला झांकी के बाद लगभग ढाई घंटे में गौड़ीय पद्धति के अनुसार दैनिक सेवा-पूजा का निर्वहन होता है। इस कारण मंगला झांकी के निर्धारित समय में अधिक वृद्धि करना संभव नहीं होगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे दर्शन के लिए निर्धारित समय का ध्यान रखें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। दीपावली, अन्नकूट, देवउठनी एकादशी और अन्य प्रमुख उत्सवों के अवसर पर दर्शन व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है।
गोविंद देवजी मंदिर के सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी के अनुसार 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा, 26 अक्टूबर को पूर्णिमा, 5 नवंबर को रमा एकादशी, 6 नवंबर को धनतेरस, 7 नवंबर को रूप चतुर्दशी और 8 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी। इसके बाद 9 नवंबर को अमावस्या, 10 नवंबर को अन्नकूट और 11 नवंबर को भाईदूज का पर्व होगा।
इसी क्रम में 17 नवंबर को गोपाष्टमी, 18 नवंबर को आंवला नवमी, 21 नवंबर को देवउठनी एकादशी और 24 नवंबर को रास पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु ठाकुरजी के दर्शन कर सकेंगे। इन प्रमुख पर्वों पर मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए दर्शनार्थियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया है। भक्तजन दीपक और बाती केवल निर्धारित दीपक स्टैंड पर ही जलाएं। उन्हें किसी अन्य स्थान पर न रखें। श्रद्धालु अपने जूते-चप्पल और हेलमेट वाहन में ही रखकर मंदिर में प्रवेश करें। साथ ही, दर्शन के दौरान सुविधा के लिए पानी की बोतल साथ लाने की सलाह दी गई है।
मंदिर प्रशासन ने हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सांस संबंधी परेशानी या अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों से भीड़ को देखते हुए अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने और मंदिर आने से बचने की अपील की है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप ही दर्शन की योजना बनाएं। सुरक्षा की दृष्टि से भक्तों से बैग, थैले और महिलाओं के पर्स सहित कीमती सामान साथ नहीं लाने तथा महिलाओं से महंगे आभूषण पहनकर मंदिर नहीं आने का अनुरोध किया गया है। सभी दर्शनार्थियों से भारतीय संस्कृति के अनुरूप मर्यादित वस्त्र धारण कर मंदिर में प्रवेश करने की अपील भी की गई है।
मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि किसी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु के दिखाई देने पर तुरंत पुलिस प्रशासन अथवा मंदिर प्रशासन को सूचित करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश