कानोता पुलिस ने निभाई मानवीय मिसाल, कर्मचारी की बेटियों की शादी में ‘मायरा’ भरकर किया सहयोग
जयपुर, 26 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान पुलिस के ध्येय वाक्य ‘आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय’ को साकार करते हुए जयपुर की कानोता थाना पुलिस ने संवेदनशीलता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। थाने की मेस में कार्यरत कर्मचारी रामकेश पटेल की दो बेटियों की शादी में पुलिसकर्मी मामा-नाना बनकर पहुंचे और ‘मायरा’ भरकर परिवार की खुशियों में सहभागी बने।
दौसा जिले के गढ़ोरा निवासी रामकेश पटेल पिछले 11 वर्षों से कानोता थाने की मेस में कार्यरत हैं। अपनी मेहनत और व्यवहार से वे थाने के हर जवान के परिवार का हिस्सा बन चुके हैं। बेटियों की शादी के समय आर्थिक तंगी सामने आने पर पुलिस टीम उनके सहयोग के लिए आगे आई।
थानाधिकारी मुनीन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने आपसी सहयोग से राशि एकत्रित की और रामकेश के गांव गढ़ोरा पहुंचकर राजस्थानी परंपरा के अनुसार ‘मायरा’ (भात) की रस्म निभाई। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और मंगल गीतों के बीच पुलिसकर्मियों ने भात भरकर बेटियों के विवाह में योगदान दिया। पुलिस टीम ने 2 लाख 21 हजार रुपए नकद, सोने-चांदी के आभूषण, नए वस्त्र एवं विवाह से जुड़ा आवश्यक सामान भेंट किया। वर्दीधारी जवानों को इस रूप में देखकर रामकेश और उनका परिवार भावुक हो उठा।
थानाधिकारी मुनीन्द्र सिंह ने कहा कि पद और वर्दी से ऊपर इंसानियत का धर्म होता है। रामकेश हमारे परिवार के सदस्य हैं और उनकी बेटियों की शादी में सहयोग करना हमारा दायित्व था। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे खाकी की संवेदनशील छवि मजबूत होती है और आमजन का विश्वास बढ़ता है। यह पहल दर्शाती है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर सुख-दुख में सहभागी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश