लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मौजूदगी में 21 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

 




भीलवाड़ा, 21 अप्रैल (हि.स.)। जोगणियां माता शक्तिपीठ की पावन धरा एक बार फिर सामाजिक एकता, परंपरा और संस्कारों के अद्भुत संगम की साक्षी बनी। रावणा राजपूत समाज (भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटा, बूंदी) के तत्वावधान में आयोजित नौवां सामूहिक विवाह सम्मेलन भव्यता और गरिमा के साथ हजारों लोगों की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। मंदिर परिसर शहनाइयों की मधुर धुन, वैदिक मंत्रोच्चार और खुशियों के रंग से सराबोर नजर आया।

इस अवसर पर देश के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आशीर्वाद समारोह को संबोधित करते हुए समाज के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि रावणा राजपूत समाज साहस, वीरता और समर्पण की परंपरा का प्रतीक रहा है और समय के साथ खुद को ढालते हुए निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने हाइफा के वीर नायक मेजर दलपत सिंह के शौर्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका इतिहास आज भी युवाओं को प्रेरित करता है।

कार्यक्रम में सामाजिक और राजनीतिक मांगों की भी गूंज सुनाई दी। सेवा संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह सोढ़ाला ने समाज का एक नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की मांग लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष रखी। उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान किया कि आने वाले चुनावों में एकजुट होकर ऐसे जनप्रतिनिधियों का समर्थन करें जो समाज के हितों के लिए कार्य करें।

मुख्य संरक्षक दलपत सिंह सांखला ने एक कदम आगे बढ़ते हुए जोधपुर हवाई अड्डे का नाम हाइफा हीरो मेजर दलपत सिंह देवली के नाम पर रखने की मांग रखी। साथ ही उन्होंने राजनीतिक क्षेत्र में रावणा राजपूत समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में बेगूं विधायक सुरेश धाकड़ ने समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने जोगणियां माता में रावणा राजपूत समाज की धर्मशाला निर्माण के लिए विधायक कोष से 10 लाख रुपए देने की घोषणा कर तालियां बटोरीं। उनके इस ऐलान से समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

आयोजन समिति के अध्यक्ष शंभु सिंह सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन के दौरान तुलसी विवाह की परंपरा के साथ कुल 21 जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया। दूल्हा-दुल्हन पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे नजर आए और परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।

कार्यक्रम में भीलवाड़ा के पूर्व सांसद सुभाष चन्द्र बहेडिया और जोगणियां माता शक्ति पीठ प्रबंधन एवं विकास संस्थान के अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने भी अपने विचार रखे। जोशी ने समाज को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक एकता, सहयोग और संस्कारों की अनूठी मिसाल देखने को मिली। हजारों की भीड़ के बीच संपन्न यह सामूहिक विवाह सम्मेलन न केवल समाज के लिए गर्व का क्षण बना, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश भी दे गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद