गर्भवती महिलाओं की जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी को किया चिन्हित
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिलेभर में लगे विशेष जांच शिविर
जोधपुर, 18 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत शनिवार को जोधपुर जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष प्रसव पूर्व जांच शिविर आयोजित किए गए।
जिले के जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जोधपुर प्रथम डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं की समय पर पहचान कर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जिलेभर में आयोजित विशेष जांच शिविरों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की गई।
जांच के दौरान गर्भवती महिलाओं को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) श्रेणी में भी चिन्हित किया गया, जिन्हें आवश्यक उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श एवं नियमित फॉलोअप के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा गया। डॉ. शेखावत ने बताया कि शिविरों में गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, वजन, मूत्र जांच सहित अन्य आवश्यक जांचें नि:शुल्क की गईं। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गर्भावस्था के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों का सेवन, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु की देखभाल तथा गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान पात्र गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया भी पूरी की गई। चिन्हित हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी की जाएगी तथा आवश्यकता पडऩे पर उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों पर रेफर कर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रूपेंद्र पाल सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अमनदीप चौधरी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों ने जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया, गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की तथा चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित फॉलोअप तथा रेफरल सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश