आईआईटी जोधपुर में ‘शौर्य’ और ‘ज्ञान’ का संगम
शौर्य स्थल पर टी-55 टैंक एवं धर्म भित्ति शिल्प का लोकार्पण
जोधपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर ने आज अपने परिसर के विकास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए दो महत्वपूर्ण स्थलों का उद्घाटन किया। इसमें मुख्य द्वार पर स्थापित शौर्य स्थल है जिसमें प्रतिष्ठित टी-55 युद्धक टैंक स्थापित किया गया है, वहीं प्रशासनिक भवन पर निर्मित भव्य भित्ति शिल्प ‘धर्म, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं संस्थागत कर्तव्य’ भी शामिल है।
इन दोनों प्रतिष्ठित स्थापनाओं का उद्घाटन मुख्य अतिथि बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, आईआईटी जोधपुर के अध्यक्ष एएस किरण कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल तथा उपनिदेशक प्रो. भाबनी कुमार सतपथी भी उपस्थित रहे। प्रशासनिक भवन पर स्थापित यह भव्य भित्ति शिल्प महाभारत के धर्म युद्ध की अवधारणा को दर्शाता है।
यह संस्थान के उस दृष्टिकोण का प्रतीक है जिसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक उत्कृष्टता के साथ जोड़ा गया है। वहीं संस्थान के मुख्य द्वार पर स्थापित ‘शौर्य स्थल’ में टी-55 मुख्य युद्धक टैंक को प्रदर्शित किया गया है। यह टैंक भारतीय सेना के बख्तरबंद कोर में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका और विशेष रूप से 1971 के भारत-पाक युद्ध में निर्णायक योगदान के लिए जाना जाता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश