काजरी में ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ
किसानों को टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल खेती के प्रति किया जागरूक
जोधपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की पहल पर 30 नवम्बर तक संचालित किए जा रहे खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप)-केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान जोधपुर एवं इसके क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों में किया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. हनुमान सहाय जाट के मार्गदर्शन में इस अभियान के अंतर्गत किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा जैविक उत्पादों के उपयोग द्वारा कृषि उत्पादकता बढ़ाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् द्वारा खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का शुभारम्भ केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा किया गया, जिसका सजीव प्रसारण किसानों के समक्ष किया गया। इस अवसर पर निदेशक डॉ. हनुमान सहाय जाट ने अभियान के सफल आयोजन शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए किसानों से इसमें सक्रिय सहभागिता करने तथा वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने, कृषि लागत कम करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ टिकाऊ कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। अभियान के प्रथम दिन काजरी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डोली, झंवर एवं घंटियाली गांवों से किसानों ने भाग लिया।
इसी क्रम में काजरी के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, बीकानेर, पाली तथा भुज के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों द्वारा भी अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में किसान जागरूकता कार्यक्रम, वैज्ञानिक-किसान संवाद एवं तकनीकी जानकारी के प्रसार के माध्यम से अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को जैव उर्वरकों, जैव कीटनाशकों, कम्पोस्ट, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन तथा मृदा की उर्वरता बनाए रखने संबंधी वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही किसानों को रासायनिक आदानों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं जैविक विकल्पों को अपनाकर कम लागत में बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेश पाल सिंह तंवर ने किसानों को जैव उर्वरकों एवं जैविक उत्पादों के उपयोग के महत्व से अवगत कराया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश