जेएनवी विश्वविद्यालय में योग शिक्षा में मास्टर डिग्री के लिए प्रवेश शुरू

 


एनईपी-2020 के तहत दो वर्षीय नया स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम

जोधपुर, 21 अगस्त (हि.स.)। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप मास्टर्स इन योग एजुकेशन नामक दो वर्षीय नया स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। योग शिक्षा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं करियर बनाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए इस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बिना विलंब शुल्क आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त तथा विलंब शुल्क सहित आवेदन की अंतिम तिथि 7 सितंबर निर्धारित की गई है।

शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. अमनसिंह सिसोदिया ने बताया कि यह पाठ्यक्रम चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम एवं लर्निंग आउटकम्स-बेस्ड करिकुलम फ्रेमवर्क पर आधारित होगा। पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को योग के क्षेत्र में सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। पाठ्यक्रम की अवधि दो वर्ष होगी, जिसमें कुल चार सेमेस्टर होंगे। प्रत्येक सेमेस्टर में 90 कार्य दिवस होंगे तथा विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रो. सिसोदिया ने बताया कि प्रवेश के लिए यूजीसी से मान्यता प्राप्त किसी भी विषय में स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। योग में पीजी डिप्लोमा के प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को सीधे पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष में प्रवेश का प्रावधान है। एनईपी-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम में मल्टीपल एग्जिट का विकल्प भी उपलब्ध होगा। प्रथम वर्ष के दो सेमेस्टर पूर्ण कर 40 क्रेडिट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पीजी डिप्लोमा तथा दो वर्ष पूर्ण कर 80 क्रेडिट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मास्टर डिग्री प्रदान की जाएगी। क्रेडिट ट्रांसफर के लिए एबीसी-आईडी पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। पाठ्यक्रम की पढ़ाई हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों माध्यमों में होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश