मैरिज गार्डन के लिए पार्किंग स्थल खोज रहा जेडीए

 


जयपुर, 19 मार्च (हि.स.)। आमजन को मैरिज गार्डन में पार्किंग की समस्या और उसकी वजह से सड़क पर लगने वाले जाम से बचाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण ने एक्शन प्लान तैयार किया है। जेडीए इसके लिए अब सभी मैरिज गार्डनों की कुंडली खंगाल रहा है। कुंडली खंगालने के बाद पार्किंग की समस्या और गार्डन के बाहर सड़क पर लगने वाले जाम से आमजन को छुटकारा दिलाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर में करीब 1500 से 2000 के बीच मैरिज गार्डन संचालित हो रहे है। इनमें से केवल 5 फीसदी के पास ही पार्किंग को लेकर पूरा स्पेस मौजूद है। विवाह सहित अन्य समारोह के दौरान यहां पर आने वाले लोग मैरिज गार्डन में पार्किंग नहीं होने पर सड़क किनारे वाहन खड़ा कर देते है। इससे सड़क पर जाम लगने लगता है। यह स्थिति उस समय और ज्यादा विकट हो जाती है जब शादी समारोह का सीजन पीक होने के साथ ही शाम को जब यातायात पूरे परवान पर होता है जबकि मैरिज गार्डन वाले मार्गो पर दो से चार किलोमीटर लम्बा तक जाम लग जाता है। ऐसे में आमजन को 5 किलोमीटर की दूरी भी पूरी करने में आधा से एक घंटा लग जाता है। इसी को ध्यान में रखकर जेडीए शहरभर में चल रहे मैरिज गार्डनों की पार्किंग स्थल को लेकर जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। इस डेटा के तैयार होने के बाद सम्बधिंत मैरिज गार्डन के लिए पार्किंग स्थल खोजा जाएगा।

बिना पार्किंग या अपर्याप्त पार्किंग वाले मैरिज गार्डन संचालकों को जेडीए प्राइवेट या सरकारी भूमि किराए पर लेने के लिए पाबंद करेगा। भूमि की खोज जेडीए और निगम के अधिकारी मिल कर रहे है। यह भूमि मैरिज गार्डन के आस-पास ही होगी। इस भूमि के लिए मैरिज गार्डन संचालक को एक निश्चित राशि चुकानी होगी। विशेष बात यह है कि जेडीए भी अपनी खाली पड़ी सरकारी भूमि से राजस्व प्राप्त करने के लिए योजना बना रहा है। ऐसे में मैरिज गार्डन संचालकों को किराए पर सरकारी भूमि दी जा सकेगी। यातायात सुधारीकरण को लेकर जेडीए का विशेष फोकस वर्तमान में जेडीए का जयपुर शहर में आमजन को सुगम यातायात उपलब्ध करवाने को लेकर विशेष फोकस है। ताकि आमजन को शहर में यातायात जाम, पार्किंग सहित अन्य समस्याओं से छुटकारा दिलाया जा सके। इसी दिशा में महल रोड को जक्शन फ्री करने के लिए यू टर्न स्कीम, इमली फाटक पर अंडरपास, द्रव्यवती नदी पर एलीवेटेड, जगतपुरा से ट्रांसपोर्ट नगर तक एलीवेटेड सहित अन्य योजनाओं पर काम किया जा रहा है। हालांकि देखना यह है कि इनमें कितनी योजनाएं धरातल पर उतर पाती है।

इसे अलावा जेडीए अपने आय के स्त्रोत बढ़ाने के लिए भी विभिन्न विकल्पों पर काम कर रहा है। इसमें द्रव्यवती नदी के आस-पास बाजार तैयार करने, सरकारी जमीनों को किराए पर देने, तैयार व खाली पड़े सरकारी भवनों को किराए पर देने सहित अन्य विषयों पर काम कर रहा है। जेडीसी लगातार हर बैठक में अधिकारियों को इस दिशा में काम करने को लेकर दिशा-निर्देश दे रहे है।

प्राधिकरण आयुक्‍त सिद्धार्थ महाजन का कहना है कि शहर में यातायात जाम, पार्किंग सहित अन्य समस्याओं के निस्तारण की दिशा में काम किए जा रहे है। इसके अलावा जेडीए के लिए स्थाई आय के स्त्रोत तैयार करने को लेकर भी काम किया जा रहा है। यह समय की जरुरत और भविष्य की आवश्यकता है। ऐसे मैरिज गार्डनों को चिन्हित किया जा रहा है जिनके पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इनके लिए गार्डन के नजदीक ही प्राइवेट या सरकारी जमीन की खोज की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश