जेडीए ने 2014 से 2026 तक के भूमि आवंटन रिकॉर्ड वेबसाइट पर किए सार्वजनिक
जयपुर, 22 मई (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए वर्ष 2014 से 2026 तक भूमि के बदले भूमि से संबंधित आवंटनों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक रूप से वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। जेडीए ने इसे प्रशासनिक पारदर्शिता और जन जवाबदेही की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।
जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जेडीए प्रत्येक स्तर पर तकनीकी नवाचार, सूचना की सार्वजनिक उपलब्धता और पारदर्शी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दे रहा है, जिससे आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई जानकारी में संबंधित जोन, योजना का नाम, भूखंड संख्या, भूखंड का आकार, भूमि उपयोग, प्रॉपर्टी आईडी, आवेदक का नाम और आवंटन दिनांक सहित अन्य आवश्यक विवरण शामिल किए गए हैं, ताकि आमजन और संबंधित पक्ष आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।
जेडीए द्वारा शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, शोध, प्रशिक्षण, खेल, जनसुविधाओं, समाचार पत्रों तथा अन्य संस्थागत उपयोग के लिए विभिन्न संस्थाओं को आवंटित भूमि का विस्तृत रिकॉर्ड भी प्रारंभ से वर्ष 2026 तक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया गया है। इससे भूमि आवंटन संबंधी सूचनाएं आमजन की पहुंच में रहेंगी और किसी भी प्रकार की भ्रांति या अपारदर्शिता की संभावना समाप्त होगी।
सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि वर्ष 2002 से 2013 तक भूमि के बदले भूमि से जुड़े प्रकरणों की सूचनाओं को भी वेबसाइट पर अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है। संबंधित अभिलेखों के संकलन और तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह जानकारी भी जल्द सार्वजनिक कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्थागत उपयोग के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह नियमसम्मत, पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जा रही है। राज्य सरकार की नीति के अनुसार प्रत्येक आवंटन में योग्यता, आवश्यकता, जनहित और पात्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीकी माध्यमों का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है।
जेडीए के अनुसार यह पहल न केवल सुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, शोध और सामाजिक क्षेत्रों में संस्थागत विकास को भी गति देगी। विभिन्न परियोजनाओं और संस्थानों के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश