जेडीए का हरित एवं सौंदर्यीकरण अभियान, वैज्ञानिक तकनीक से विकसित होंगे विश्वस्तरीय ग्रीन कॉरिडोर
जयपुर, 26 जुलाई (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) शहर में व्यापक स्तर पर 'हरित एवं सौंदर्यीकरण अभियान' चला रहा है। अभियान के तहत जयपुर की प्रमुख सड़कों, डिवाइडरों, चौराहों और पार्कों को वैज्ञानिक एवं सुनियोजित तकनीक से विकसित कर विश्वस्तरीय लैंडस्केप का स्वरूप दिया जा रहा है।
जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि अभियान के तहत पूर्व में अपनाई जाने वाली अवैज्ञानिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पहले रोड मीडियन में डामर हटाए बिना पौधारोपण किया जाता था, जिससे जड़ों में 'रूट कॉइलिंग' की समस्या उत्पन्न होती थी और पौधों का समुचित विकास नहीं हो पाता था। अब आवश्यकतानुसार डामर हटाकर पर्याप्त गहराई और चौड़ाई में उपजाऊ मिट्टी भरकर पौधे लगाए जा रहे हैं, जिससे उनकी जड़ों का प्राकृतिक विकास हो सके और भविष्य में मजबूत एवं छायादार हरित पट्टियां विकसित हों।
उन्होंने बताया कि शहर में 10 फीट से अधिक ऊंचाई वाले उच्च गुणवत्ता के पौधे लगाए जा रहे हैं। पौधों के चयन में उनकी ऊंचाई के साथ-साथ रूट बॉल और रूट-शूट अनुपात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि प्रत्यारोपण के बाद वे शीघ्र स्थापित हो सकें। ये पौधे अगले तीन से पांच वर्षों में 15 से 25 फीट ऊंचे विकसित होकर घनी हरित छाया प्रदान करेंगे। इससे वायु प्रदूषण नियंत्रण, कार्बन अवशोषण और शहरी तापमान में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।
महाजन ने बताया कि शहर के सौंदर्यीकरण को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप देने के लिए स्पीशीज ब्लॉक प्लांटेशन और सममितीय ले-आउट अपनाया जा रहा है। एवेन्यू एस्थेटिक प्लांटेशन के तहत टर्मिनेलिया, टेबेबुइया, प्राइड ऑफ इंडिया, कचनार, अमलतास, स्पैथोडिया, गुलमोहर, मौलश्री, पारस पीपल, नीम और अशोक जैसे छायादार एवं सजावटी पौधे लगाए जा रहे हैं। वहीं डिवाइडरों में बोगनवेलिया, ल्यूसोफाइलम और टीकोमा जैसी प्रजातियों का रोपण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ये उच्च गुणवत्ता के पौधे आंध्र प्रदेश के राजामुंद्री और महाराष्ट्र के पुणे स्थित प्रतिष्ठित नर्सरियों से मंगवाए गए हैं। पुष्पन के समय रंगों की विशेष थीम के अनुरूप विकसित होने वाले ये पौधे जयपुर के शहरी परिदृश्य को और अधिक आकर्षक बनाएंगे।
जेडीसी ने बताया कि अभियान के तकनीकी क्रियान्वयन के लिए कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के सेवानिवृत्त एवं अनुभवी अधिकारियों और कर्मचारियों की एक विशेष उद्यान टीम गठित की गई है। यह टीम पौधों के चयन, रोपण, संरक्षण, रखरखाव तथा गुणवत्ता नियंत्रण का कार्य सुनिश्चित कर रही है।
उन्होंने कहा कि जेडीए केवल प्रमुख सड़कों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न आवासीय योजनाओं और कॉलोनियों के पार्कों का भी व्यापक विकास किया जा रहा है। स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पार्कों में छायादार वृक्ष, पुष्पीय पौधे, सुव्यवस्थित लॉन और नागरिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, ताकि शहरवासियों को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश