(अपडेट) ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...’गूंज उठी छोटी काशी

 








जयपुर, 04 सितंबर (हि.स.)। ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...’ के जयघोष से शुक्रवार को छोटी काशी जयपुर कृष्णमय हो उठी। रिमझिम बारिश के बीच सुबह से देर रात तक शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, श्रृंगार, भजन-कीर्तन, झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। मध्यरात्रि में कान्हा के प्राकट्य के साथ मंदिरों में शंख-घड़ियाल, नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच उल्लास छा गया।

छोटी काशी के आराध्य ठाकुर श्री गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में जन्माष्टमी महापर्व मनाया गया। तड़के 4 बजे मंगला झांकी के पट खुले तो श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रिमझिम बारिश के बावजूद लंबी कतारें लगी रहीं। मंगला झांकी से पहले ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पीत वस्त्र धारण कराए गए और विशेष पुष्प शृंगार किया गया। मंदिर परिसर को ‘बधाई है’ और स्वास्तिक की पताकाओं से सजाया गया।

भारी भीड़ को देखते हुए जलेब चौक से प्रवेश और जय निवास बाग के पूर्वी व पश्चिमी गेट से निकासी की व्यवस्था रही। दर्शन पास, बिना जूते-चप्पल और जूते-चप्पल के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गईं। परिसर में 13 एलईडी स्क्रीन लगाई गईं। हरि कीर्तन और प्रसाद स्टॉलों ने माहौल भक्तिमय बनाए रखा।

सुरक्षा के लिए करीब 1100 स्वयंसेवक, 150 स्काउट और 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। मंदिर को 12 सेक्टर में बांटकर तीन पारियों में ड्यूटी लगाई गई। डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों के साथ आरएसी कंपनियां व घुड़सवार पुलिस तैनात रही। मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी, एआई कैमरों और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से निगरानी की गई।

रात 10 से 11 बजे तक जन्माष्टमी व्रत कथा हुई। मध्यरात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के अवसर पर 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी की गई। जन्म के बाद पंचामृत अभिषेक में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद का उपयोग किया गया। पंजीरी, लड्डू, खिरसा और रबड़ी कुल्हड़ का भोग लगाया गया।

जगतपुरा स्थित गुप्त वृन्दावन धाम में यशोदानंदन के अभिनंदन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह 6:30, 11, शाम 4:30 और रात 10 बजे ठाकुरजी के विशेष अभिषेक हुए। मध्यरात्रि में पंचामृत महाभिषेक और महाआरती के बाद भगवान को 108 विशेष व्यंजनों का भोग लगाया गया। कृष्ण-बलराम ने वृन्दावन के कारीगरों द्वारा आरी-तारी वर्क से तैयार विशेष मखमली पोशाक धारण की। मंदिर में दिनभर हरे कृष्ण महामंत्र का जाप और कीर्तन चलता रहा।

पुरानी बस्ती स्थित श्री राधागोपीनाथजी मंदिर में महंत सिद्धार्थ गोस्वामी के सान्निध्य में विशेष श्रृंगार किया गया। सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मध्यरात्रि में ठाकुरजी का 151 किलो पंचामृत से जन्माभिषेक किया गया। मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया और श्रद्धालुओं के लिए सागारी लड्डू की व्यवस्था रही। कहा जाता है कि भगवान की कलाई पर बंधी ये घड़ी उनकी नाड़ी की धड़कन से चलती है। इसी विशेष घड़ी के साथ आज गोपीनाथ जी ने भक्तों को दर्शन दिए।

जयपुर के अधिकांश मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्म मध्यरात्रि में मनाया गया, वहीं रामगंज बाजार स्थित श्री लाडलीजी मंदिर, चौड़ा रास्ता स्थित राधा-दामोदरजी मंदिर और नाहरगढ़ पहाड़ी स्थित चरण मंदिर में दोपहर 12 बजे प्राकट्योत्सव हुआ।

लाडलीजी मंदिर में ललित संप्रदायाचार्य संजय गोस्वामी के सान्निध्य में दोपहर 12 से 3 बजे तक ठाकुर किशोरी रमण का जन्मोत्सव मनाया गया। अभिषेक, बधाई गायन, समाज उछाल और प्रसाद वितरण हुआ। राधा-दामोदरजी मंदिर में महंत मलय गोस्वामी के सान्निध्य में करीब 40 मिनट तक पंचामृत से जन्माभिषेक हुआ। चरण मंदिर में भी दोपहर में अभिषेक किया गया।

श्री अमरापुर स्थान में जन्माष्टमी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। सुबह करीब सवा घंटे चले हवन-यज्ञ में वेदाचार्य पंडित जितेंद्र दाधीच ने गोपाल सहस्त्रनाम और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र की आहुतियां दिलाईं। इसके बाद लड्डू गोपाल की भव्य झूला झांकी सजाई गई।

शाम को स्वामी टेऊंरामजी महाराज की वाणी और श्रीकृष्ण भजनों का भजन-संकीर्तन हुआ। प्रेम प्रकाश ग्रंथ, श्रीमद्भगवद्गीता और श्रीमद्भागवत के पाठों का भोग-परायण किया गया। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म के बाद विशेष संकीर्तन, अभिषेक, पूजा-अर्चना और आरती हुई तथा खीर प्रसादी वितरित की गई। शनिवार को यहां नंदोत्सव में भजन-संकीर्तन, पुष्पवर्षा, उछाल और माखन-मिश्री का भोग होगा।

मंदिर श्री रामचंद्रजी के प्रांगण में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से जन्माष्टमी महोत्सव मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। संस्थान के मुख्य केंद्र द्वारका, दिल्ली में हुए आयोजन का सीधा प्रसारण किया गया। भजनों, आध्यात्मिक संदेशों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया। जयपुर शाखा के सेवादारों ने बाल कृष्ण से लेकर रासलीला तक के प्रसंगों पर आकर्षक झांकियां सजाईं। भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और समापन पर महाप्रसाद वितरित किया गया।

वैशाली नगर स्थित बीएपीएस श्री स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर में कृष्ण जन्म, गोकुल-गमन, पूतना वध और कंस वध पर आधारित झांकियां सजाई गईं। पंचामृत अभिषेक, पंजीरी प्रसाद और छप्पन भोग लगाया गया। बाल एवं युवा मंडल ने कृष्णलीला और नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। सत्संग सभा में भजन-कीर्तन, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। बाल संस्कार, व्यसन मुक्ति और पारिवारिक शांति पर प्रदर्शनी भी लगाई गई।

गंगापोल बाहर बदनपुरा स्थित मंदिर श्री मुरली मनोहरजी में श्री वेंकटेश देवस्थान न्यास की ओर से आयोजन हुआ। स्वामी राघवेन्द्राचार्य के सान्निध्य में रात 8 बजे से मध्यरात्रि तक विशेष झांकी, श्रीमद्भागवत, विष्णु सहस्त्रनाम और भगवद्गीता का पारायण हुआ। सामूहिक भजन संध्या, हवन, कथा, अभिषेक और आरती के साथ पंचामृत व पंजीरी प्रसाद वितरित किया गया। यहां 6 सितंबर को दोपहर 2 बजे नंदोत्सव होगा।

मुरलीपुरा के विकासनगर विस्तार स्थित श्रीश्याम मंदिर में भी जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। गायत्री परिवार के मनु महाराज के सान्निध्य में दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम शुरू हुआ। महाआरती और भजन संध्या के साथ दही हांडी आकर्षण का केन्द्र रही। बड़ी संख्या में बच्चे कान्हा और राधारानी के स्वरूप में पहुंचे। श्याम प्रभु का लाखों रुपए के नोटों से विशेष श्रृंगार कर उन्हें सांवरिया सेठ का स्वरूप दिया गया। फूल बंगला झांकी भी सजाई गई।

जन्माष्टमी पर राजपार्क के कृष्ण परनामी मंदिर सहित शहर के अनेक मंदिरों में कृष्ण की बाल लीलाओं और जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियां सजाई गईं। कृष्ण जन्म, वासुदेव द्वारा कान्हा को गोकुल ले जाना, यशोदा संग बाल कृष्ण, माखन चोरी, गोचारण, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन धारण, कंस वध और इंद्र का घमंड चूर करने जैसे प्रसंग झांकियों में जीवंत हुए। वैशाली नगर, मानसरोवर, प्रतापनगर, मालवीय नगर, विद्याधर नगर और बनीपार्क सहित विभिन्न इलाकों की कॉलोनियों व सोसायटियों में भी झांकियां सजाई गईं।

गोविंद देव जी के अलावा गोपीनाथ, राधा-दामोदर जी, ब्रजनिधि, आनंद कृष्ण बिहारी, राधा माधवजी, नटवरजी, कुंज बिहारीजी, श्री गोपालजी नागा, तालाब वाले श्री गोपाल जी, मुरली मनोहरजी और रोपाड़ा गोपाल जी मंदिरों में भी जन्माष्टमी उत्सव मनाया गया। श्रीकृष्ण बलराम मंदिर में कर्नाटक से मंगाए फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया।

प्रेमभाया सरकार के दरबार में भक्ति संगीत

चांदपोल बाजार के जय लाल मुंशी का रास्ता स्थित युगल कुटीर में श्री प्रेमभाया मंडल समिति की ओर से रात सवा आठ से मध्यरात्रि तक भक्ति संगीत हुआ। मध्यरात्रि में श्री प्रेमभाया सरकार की जन्म आरती की गई। मंदिर श्री प्रेमभाया सरकार, श्री हरियुगल विहार, चंदलाई में भी रात 9:15 से 12 बजे तक भक्ति संगीत हुआ।

श्री खोले के हनुमान मंदिर स्थित प्रेमभाया राधाकृष्ण मंदिर में पंचामृत, दूध और गंगाजल से अभिषेक कर चंदन का लेप लगाया गया। नवीन पोशाक धारण कराई गई। मध्यरात्रि में झालर, शंख, नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच प्राकट्योत्सव मनाया गया। माखन-मिश्री और छप्पन भोग लगाया गया। मंदिर को मोगरे सहित विभिन्न पुष्पों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया।

यादव युवक मंडल जयपुर राजस्थान के तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। सुबह न्यू पीपुल एकेडमी, सीतारामजी के मंदिर, उनियारों का रास्ता से रवाना हुई शोभायात्रा तीसरा चौराहा, नाहरगढ़ थाना, छोटी चौपड़ और बड़ी चौपड़ होते हुए श्रीकृष्ण माध्यमिक विद्यालय यादव समाज, घोसियों का रास्ता पहुंची और रामगंज की ओर गई। भगवान श्रीकृष्ण की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। पीले साफे पहने समाजबंधु भजनों पर नाचते हुए चले। मार्ग में जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया गया। इस अवसर पर निवर्तमान महापौर एवं अखिल भारतीय युवा महिला यादव महासभा राजस्थान की प्रदेश अध्यक्ष कुसुम यादव, पूर्व पार्षद एवं नगर निगम जयपुर के पूर्व चेयरमैन अजय यादव सहित समाज के पदाधिकारी व गणमान्य लोग मौजूद रहे।

जन्माष्टमी के अगले दिन शनिवार को गोविंददेवजी की भव्य शोभायात्रा शाम 4.30 बजे श्री गोविंददेवजी मंदिर से रवाना होगी। यह जलेबी चौक, सिरहड्योढ़ी बाजार, बांदरवाल गेट, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, बापू बाजार, न्यूगेट, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार और बगरू वालों के रास्ते से होते हुए श्री गोपीनाथजी मंदिर पहुंचेगी।

दोपहर 4 बजे से शोभायात्रा समाप्त होने तक हवामहल बाजार, जौहरी बाजार, बापू बाजार, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, चांदपोल बाजार और बगरू वालों के रास्ते में पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी। शोभायात्रा के आगे बढ़ने के साथ यातायात को चरणबद्ध तरीके से डायवर्ट किया जाएगा।

परकोटा क्षेत्र के साथ गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे से मिनर्वा, अशोका मार्ग से यादगार और रामनिवास बाग के अंदर हल्के मालवाहक वाहन, ई-रिक्शा, ई-ऑटो और ऑटो रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। परकोटे में जेसीटीएसएल सहित अन्य सिटी बसों का प्रवेश भी बंद रहेगा। एमआई रोड की सिटी बसों को यातायात दबाव बढ़ने पर वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। एम्बुलेंस और अन्य अति आवश्यक सेवाओं के वाहनों का संचालन निर्बाध रहेगा। पुलिस ने आमजन से अनावश्यक वाहन लेकर परकोटे में नहीं आने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश