श्री गोविंद देवजी मंदिर में एक मई से जल यात्रा महोत्सव का शुभारंभ

 


जयपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। श्री गोविंद देवजी मंदिर में वैशाखी पूर्णिमा एक मई से जलयात्रा महोत्सव का शुभारंभ होगा। ज्येष्ठ माह की एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या सहित विभिन्न तिथियों पर श्रद्धालुओं को जलयात्रा झांकी के दर्शन होंगे। गौड़ीय संप्रदाय की परंपरा के अनुसार आचार्य श्रील रूप गोस्वामी ने ठाकुर श्रीजी के प्राकट्य के बाद ज्येष्ठ मास की तीव्र गर्मी में उन्हें शीतलता प्रदान करने के लिए इस उत्सव की शुरुआत की थी। वर्तमान में यह उत्सव महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।

महोत्सव के दौरान ठाकुर श्रीजी को चांदी की कमलाकार होदी में विराजमान किया जाएगा। इसमें 10 फव्वारे है। इसके अलावा अतिरिक्त फव्वारों की व्यवस्था भी रहेगी। ठाकुर श्रीजी को सफेद धोती-दुपट्टा धारण कराकर पुष्पों के मुकुट एवं अलंकारों से श्रृंगारित किया जाएगा। केवड़ा और गुलाब जल युक्त शीतल जल के मध्य राधारानी जी के साथ स्वर्ण पिचकारी से जल क्रीड़ा के दर्शन श्रद्धालुओं को भावविभोर करेंगे। इस अवसर पर ठाकुरजी को रसाल भोग में ऋतु फल एवं पारंपरिक पूड़ी-सिकरन का प्रसाद अर्पित किया जाएगा।

मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि मौसम विभाग के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन ने जलयात्रा झांकी के समय में परिवर्तन किया है। जलयात्रा झांकी प्रात: 11:15 से 11:45 बजे तक होगी। ताकि अधिकाधिक भक्तजन झांकी दर्शन लाभ प्राप्त कर तेज धूप होने से पूर्व अपने घर-प्रतिष्ठान लौट सकें। अन्य सभी झांकियों के समय यथावत रहेंगे। पहले जल यात्रा झांकी का समय दोपहर 12:30 से 12:45 बजे तक रहता था।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश