जयपुर ट्रैफिक पुलिस का बड़ा अभियान: बेलगाम वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई
जयपुर, 01 जून (हि.स.)। राजधानी में ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले आदतन और लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त अभियान शुरू किया है। जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर मोटर वाहन अधिनियम (संशोधित 2019) के तहत सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई लगातार जारी है।
पुलिस उपायुक्त (यातायात) योगेश गोयल ने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत शराब पीकर वाहन चलाने, तेज गति से ड्राइविंग, ब्लैक फिल्म का उपयोग, अनाधिकृत मॉडिफिकेशन तथा बार-बार नियम तोड़ने वाले आदतन वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इस अभियान के दौरान तीन बड़े मामलों में वाहनों को सीज किया गया है। इनमें शामिल हैं बस नंबर RJ07PB1319, जिसके चालक ने 67 बार यातायात नियमों का उल्लंघन किया। बस नंबर RJ05PA4377, जिस पर 63 बार नियम उल्लंघन दर्ज है। थार नंबर RJ60CB7445, जिसे 6 बार नियम तोड़ने के बाद दोबारा उल्लंघन करते हुए पकड़ा गया। इसके अतिरिक्त अब तक 37 अन्य आदतन वाहनों को भी जब्त किया जा चुका है।
गोयल ने बताया कि 30 एवं 31 मई 2026 को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने शहरभर में व्यापक कार्रवाई की। इस दौरान ब्लैक फिल्म के 451 मामले,ओवरस्पीडिंग के 3108 मामले,अनाधिकृत मॉडिफिकेशन के 119 मामले,शराब पीकर वाहन चलाने के 36 मामले और मॉडिफाइड साइलेंसर के 31 मामले दर्ज किए गए। इस अभियान के दौरान 25 से अधिक दोपहिया वाहनों के अवैध साइलेंसर हटवाए गए तथा 100 से अधिक चौपहिया वाहनों से अनाधिकृत बंपर एवं बुलगार्ड हटवाए गए।
अब तक कुल 86,157 वाहनों के खिलाफ चालान एवं शमन की कार्रवाई की जा चुकी है, जो इस अभियान की व्यापकता को दर्शाता है।
डीसीपी ट्रैफिक योगेश गोयल ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से अब तक 42,358 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने तथा 558 वाहनों के रजिस्ट्रेशन सस्पेंड करने की अनुशंसा परिवहन विभाग को भेजी गई है। इनमें से अब तक 15,697 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं।ट्रैफिक पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने वाहन के पेंडिंग चालानों की स्थिति की जांच आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर करें और समय पर उनका भुगतान सुनिश्चित करें।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों को वर्चुअल कोर्ट में भेजा जा चुका है, उनका निस्तारण अब ट्रैफिक पुलिस स्तर पर नहीं किया जा सकेगा। ऐसे मामलों की स्थिति जानने के लिए संबंधित वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश