सफाई कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से जयपुर की सफाई व्यवस्था प्रभावित, शहर में बढ़ने लगे कचरे के ढेर
जयपुर, 29 जून (हि.स.)। सफाई कर्मचारी भर्ती से जुड़ी मांगों को लेकर जारी कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन राजधानी जयपुर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती नजर आई। शहर के प्रमुख बाजारों, आवासीय कॉलोनियों, मुख्य मार्गों और पुरानी बस्तियों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगने लगे हैं। मानसून के आगमन और बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में दो दिनों से नियमित कचरा संग्रहण नहीं होने के कारण कई स्थानों पर दुर्गंध फैलने लगी है। जौहरी बाजार, बापू बाजार, चांदपोल, विद्याधर नगर, वैशाली नगर, मानसरोवर, मालवीय नगर, प्रतापनगर सहित कई इलाकों में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा दिखाई दिया। कचरे के ढेरों के आसपास आवारा पशु और कुत्ते भी मंडराते नजर आए, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के मौसम में सड़कों पर पड़े कचरे को लेकर नागरिकों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कचरा नालियों में बहकर जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है, जिससे जलभराव की समस्या बढ़ने की आशंका है। साथ ही डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।
व्यापारिक क्षेत्रों में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से कारोबारियों ने चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में फैली गंदगी और दुर्गंध से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है तथा दुकानदारों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच सफाई कर्मचारी भर्ती आंदोलन के तहत सोमवार को सांगानेर स्टेडियम से रैली निकालकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में जयपुर के अलावा अन्य शहरों के सफाई कर्मचारियों ने भी भाग लिया। रैली में बड़ी संख्या में महिला सफाई कर्मचारी भी शामिल हुईं।
संयुक्त बाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने कहा कि सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नगर निगम मुख्यालय के बाहर कई दिनों तक भूख हड़ताल की, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मांगों के समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों को आंदोलन और कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाना पड़ा है।
आंदोलनरत कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं नागरिकों ने नगर निगम और प्रशासन से जल्द समाधान निकालकर सफाई व्यवस्था को सामान्य करने की मांग की है, ताकि मानसून के दौरान शहर को गंदगी, जलभराव और संभावित बीमारियों के खतरे से बचाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश