लोक-शांति बनाए रखने के लिए जयपुर पुलिस का कड़ा कदम
जयपुर, 04 अगस्त (हि.स.)। राजधानी में कानून-व्यवस्था,लोक-शांति और आमजन की सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा निर्णय लिया है। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत चार विशेष निषेधाज्ञा आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 तक पूरे जयपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में प्रभावी रहेंगे। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जारी आदेशों के तहत ड्रोन संचालन, हुक्का बार, तेज ध्वनि वाले डीजे और ऑनलाइन माध्यमों से किराये पर दिए जाने वाले आवासों के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। वहीं ड्रोन संचालन के संबंध में 250 ग्राम से अधिक वजन वाले माइक्रो और उससे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण, यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) और यूएओपी परमिट अनिवार्य किया गया है। 250 ग्राम तक के नैनो ड्रोन उड़ाने वालों को उड़ान से 24 घंटे पहले संबंधित पुलिस थाने को सूचना देनी होगी। नैनो ड्रोन अधिकतम 50 फीट (15 मीटर) की ऊंचाई तक ही उड़ाए जा सकेंगे तथा नियंत्रित क्षेत्र में 'नो परमिशन, नो टेकऑफ' (एनपीएनटी) प्रणाली अनिवार्य रहेगी। लोगों के घरों के ऊपर, खराब मौसम, कम बैटरी या नशे की हालत में ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
इसके अलावा पुलिस ने होटल, रेस्टोरेंट, नाइट क्लब, बार, पब, डिस्कोथेक, लॉजिंग-बोर्डिंग हाउस, फार्म हाउस और भोजनालयों में हुक्का बार संचालित करने और हुक्के के उपयोग पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। यह कार्रवाई सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (राजस्थान संशोधन, 2019) के प्रावधानों के तहत की गई है।
साथ ही सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में संबंधित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) की पूर्व अनुमति के बिना डीजे या अन्य तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी स्थिति में ध्वनि विस्तारक यंत्रों की अनुमति नहीं दी जाएगी। वाहनों में अवैध रूप से जनरेटर और स्पीकर लगाकर बनाए गए 'डीजे वाहनों' को जब्त कर मोटर वाहन अधिनियम एवं ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा एयरबीएनबी सहित विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से फार्म हाउस, निजी फ्लैट, होम-स्टे या होटल किराये पर देने वाले संचालकों के लिए भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक आगंतुक का नाम, पता, मोबाइल नंबर और अधिकृत फोटो पहचान पत्र का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देना भी आवश्यक होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश