जयपुर में एक दिन में 2 हजार से अधिक पेट्स का पंजीकरण, 32 वर्गफीट का 'पेट पिज्जा' भी बना

 


जयपुर, 02 अगस्त (हि.स.)। जयपुर नगर निगम ग्रेटर ने शहर को रेबीज मुक्त और पेट फ्रेंडली बनाने के उद्देश्य से रविवार को आयोजित पेट कार्निवाल में एक दिन में 2 हजार से अधिक पालतू श्वानों का पंजीकरण कर नया रिकॉर्ड बनाया। नगर निगम का दावा है कि यह एक दिन में सबसे अधिक पेट रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड है। साथ ही कार्यक्रम में 32 वर्गफीट का विशेष 'पेट पिज्जा' भी तैयार किया गया, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा पेट पिज्जा होने का दावा किया गया है।

नगर निगम ग्रेटर के आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि दोनों उपलब्धियों को विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराने के लिए संबंधित संस्थाओं में आवेदन किया जाएगा। प्रमाणन के बाद इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि फ्रेंडशिप डे के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शहर को पालतू पशुओं के प्रति संवेदनशील बनाना और रेबीज जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। कार्यक्रम के दौरान तैयार किए गए 32 वर्गफीट के पिज्जा को अलग-अलग बॉक्स में पैक कर पेट्स मालिकों को वितरित किया गया।

आयुक्त ने बताया कि नगर निगम ने पालतू पशुओं के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सरल बना दी है। अब नगर निगम की वेबसाइट पर पालतू पशु का फोटो, मालिक के आधार कार्ड की प्रति और रेबीज टीकाकरण प्रमाण-पत्र अपलोड कर लगभग दो मिनट में ऑनलाइन पंजीकरण कराया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान 300 पालतू पशुओं का रेबीज टीकाकरण भी किया गया। इसके अलावा 50 बेसहारा श्वानों को गोद दिलाया गया। इन सभी श्वानों के पंजीकरण और टीकाकरण का खर्च नगर निगम ने वहन किया।

ओम कसेरा ने बताया कि 30 सितंबर तक पालतू पशुओं का पंजीकरण कराने पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। इसके बाद बिना पंजीकरण पाए जाने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित पालतू पशु को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि पालतू पशुओं की बिक्री के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। अब सभी पेट विक्रेताओं के लिए एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया में पंजीकरण अनिवार्य होगा। किसी भी पालतू पशु को बेचने से पहले उसका रेबीज टीकाकरण और नगर निगम में पंजीकरण कराना भी आवश्यक होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई के साथ दुकान सील करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश