जलमहल और तालकटोरा की सफाई अब डिविडिंग मशीन से, 73 लाख रुपये होंगे खर्च

 


जयपुर, 02 अक्टूबर (हि.स.)। जयपुर के जलमहल और तालकटोरा की सफाई व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से मजबूत करने की तैयारी है। जयपुर स्मार्ट सिटी की ओर से दोनों जलाशयों से जलकुंभी, तैरता कचरा और अन्य गंदगी हटाने के लिए डिविडिंग मशीन खरीदी जा रही है। मशीन की खरीद के लिए टेंडर सहित अन्य प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और दीपावली के बाद इसके उपलब्ध होने की संभावना है।

स्मार्ट सिटी के अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि जलमहल और तालकटोरा की सफाई के लिए आधुनिक मशीन खरीदी जा रही है। इस पर करीब 73 लाख रुपये खर्च होंगे। टेंडर सहित अन्य प्रक्रिया अंतिम चरण में है और दीपावली के बाद मशीन स्मार्ट सिटी को मिलने की संभावना है।

यह मशीन मुख्य रूप से जलाशयों की सतह पर जमा जलकुंभी और तैरते कचरे को हटाने के काम आएगी। मशीन के जरिए पानी की सतह से गंदगी निकालने से सफाई कार्य को अपेक्षाकृत तेज और व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। जरूरत के अनुसार इसका इस्तेमाल दोनों जलाशयों में किया जाएगा।

जलमहल और तालकटोरा जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। जलाशयों में जलकुंभी, प्लास्टिक और अन्य तैरता कचरा जमा होने से सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार काम की जरूरत रहती है। मशीन उपलब्ध होने के बाद नियमित सफाई में तकनीकी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

जलाशयों की सफाई के लिए डिविडिंग मशीनों का इस्तेमाल कोटा, उदयपुर और अजमेर सहित राजस्थान के कुछ अन्य शहरों में भी किया जा रहा है। मानसून के बाद जलकुंभी बढ़ने या जलाशय की सतह पर तैरता कचरा जमा होने की स्थिति में मशीन का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

स्मार्ट सिटी की ओर से सड़क की सफाई और धुलाई के लिए भी एक मशीन खरीदी जा रही है। इस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए आगामी दिनों में टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश