जयपुर में होली पर डेढ़ हजार करोड़ का कारोबार
जयपुर, 03 मार्च (हि.स.)। रंगों के पर्व होली पर इस बार राजधानी के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। व्यापारियों के अनुसार जयपुर में ही होली के अवसर पर करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार हुआ,जबकि पूरे प्रदेश में लगभग 5 हजार करोड़ रुपए के व्यापार का अनुमान लगाया है। देशभर में होली पर करीब 80 हजार करोड़ रुपए के कारोबार की संभावना जताई गई है। जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है।
जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने बताया कि जयपुर में करीब डेढ़ हजार करोड़ और प्रदेशभर में लगभग 5 हजार करोड़ रुपए के कारोबार का अनुमान है। उन्होंने कहा कि बाजार में आई यह तेजी व्यापारियों के लिए उत्साहजनक संकेत है।
गौरतलब है कि घर से बाजार तक इस बार होली का उत्साह दोगुना नजर आया। सुबह से देर रात तक रंग-गुलाल, पिचकारी, हर्बल कलर और होली गिफ्ट पैक्स की जमकर बिक्री हुई। त्रिपोलिया बाजार, किशनपोल बाज़ार, चांदपोल बाज़ार सहित बाहरी बाजारों में राजा पार्क, मानसरोवर, झोटवाड़ा, वैशाली नगर और मालवीय नगर में जगह-जगह स्थायी और अस्थायी दुकानें सजी रहीं। साथ ही इस बार बाजार में 16 अलग-अलग रंगों की गुलाल उपलब्ध रही। पारंपरिक गुलाबी और लाल के साथ पर्पल, टर्क्वाइज, ऑरेंज, येलो, ग्रीन और मल्टी कलर पैक्स खास आकर्षण बने। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारियां और युवाओं के लिए प्रीमियम हर्बल गुलाल की मांग अधिक रही। व्यापारियों के अनुसार पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार मांग 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। गुलाल के थोक विक्रेता राकेश गुप्ता ने बताया कि खासकर हर्बल और स्किन-फ्रेंडली रंगों की बिक्री बेहतर रही। ग्राहकों का रुझान अब केमिकल-फ्री उत्पादों की ओर अधिक दिखाई दे रहा है। होली मिलन समारोहों और कॉर्पोरेट ऑफिसों में फेस्टिव सेलिब्रेशन के चलते गिफ्ट पैक और ड्राई कलर किट की मांग में भी वृद्धि हुई है।
कीमतों की बात करें तो बाजार में रंगों के 200 ग्राम से लेकर एक किलो तक के पैकेट उपलब्ध रहे। अरारोट की गुलाल 120 से 200 रुपए प्रति किलो तक बिकी, जबकि सादा गुलाल 60 से 100 रुपए प्रति किलो तक रही। गुलाल गोटे के छह पीस के पैकेट 180 से 300 रुपये तक बिके।
रंग-गुलाल के साथ मिठाई और नमकीन की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ी, जिससे मिठाई कारोबारियों के चेहरे भी खिले नजर आए। होली का यह पर्व शहर की अर्थव्यवस्था को व्यापक स्तर पर गति देने वाला साबित हुआ।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश