हीटवेव से बचाव और आपदा प्रबंधन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला 25 मई से
जयपुर, 24 मई (हि.स.)। बढ़ती गर्मी और हीटवेव की चुनौतियों को लेकर राजधानी जयपुर स्थित पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में 25 एवं 26 मई को दो दिवसीय राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। “हीट वेव प्रिपेयर्डनेस एंड मिटिगेशन” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य हीटवेव के प्रति जागरूकता बढ़ाने, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने तथा आपदा प्रबंधन एवं जलवायु अनुकूलन रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना है।
कार्यशाला का आयोजन मौसम विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम में देशभर से शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, सरकारी अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके अलावा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, गैर-सरकारी संगठनों एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी कार्यशाला में सहभागिता करेंगे।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा एवं कार्यशाला संयोजक डॉ. दिव्या प्रकाश ने बताया कि वर्तमान समय में हीटवेव एक गंभीर चुनौती के रूप में उभर रही है। बदलते जलवायु परिदृश्य के कारण गर्मी की तीव्रता और अवधि में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे जनस्वास्थ्य, जल संसाधनों और शहरी जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से विभिन्न विभागों, संस्थाओं एवं समुदायों के बीच समन्वय स्थापित कर हीटवेव से बचाव, पूर्व तैयारी तथा प्रभावी शमन रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञ व्याख्यान, तकनीकी सत्र एवं संवादात्मक चर्चाओं के जरिए व्यावहारिक और सामुदायिक आधारित समाधान साझा किए जाएंगे।
आयोजकों के अनुसार कार्यशाला में हीटवेव के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तंत्र की भूमिका, शहरी क्षेत्रों में तापमान नियंत्रण के उपाय, जल संरक्षण तथा संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। कार्यक्रम में सहभागी संस्थाओं के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान भी किया जाएगा, ताकि भविष्य में हीटवेव जैसी आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश