जन्मोत्सव पर जयपुर हनुमानमय: मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
जयपुर, 02 अप्रैल (हि.स.)। पवन पुत्र हनुमान जी महाराज का जन्मोत्सव चैत्र पूर्णिमा गुरुवार को भक्तिभाव से मनाया गया। छोटीकाशी के मंदिर गुरुवार को हनुमानमय हो गए। सुबह से देर रात तक अभिषेक, श्रृंगार, महाआरती, सुंदरकांड-हनुमान चालीसा और भजन संध्या सहित अनेक आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित कई मंदिरों में दर्शन किए। मुख्य रूप से घाट के बालाजी, चांदपोल हनुमान जी, सांगानेरी गेट हनुमान जी, खोले के हनुमान जी, काले हनुमान जी, बंधे के बालाजी, पापड़ के हनुमान जी, ढेहर के बालाजी, मंशापूर्ण हनुमान जी, पेट्रोल पंप वाले हनुमान में हनुमान जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। घरों में भी राम दूत महावीर की विशेष पूजन कर दाल-बाटी, खीर-चूरमे का भोग लगाया गया।
हनुमान मंदिरों में जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अंजनी सुत का जन्माभिषेक कर सिंदूरी चोला चढ़ाया गया।। नवीन पोशाक धारण कराकर ऋतु पुष्पों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। पुराना घाट स्थित जयपुर के कुल देवता के रूप में प्रसिद्ध घाट के बालाजी मंदिर में स्वामी सुदशर्नाचार्य महाराज के सान्निध्य में हनुमान जी महाराज का पंचामृत अभिषेक कर सिंदूरी चोला धारण कराया गया। नवीन पोशाक धारण कराने के बाद चूरमे का भोग लगाया गया। देवस्थान विभाग की ओर से मंदिर में सजावट की गई। हनुमान जन्मोत्सव पर कई समाजों के लोगों ने मंदिर में जात-जडूले उतारे।
चांदी की टकसाल स्थित ठिकाना मंदिर श्री काले हनुमानजी में केसरी के नंदन का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर महंत गोपालदास महाराज के सान्निध्य में हनुमानजी का सहस्त्रधाराभिषेक के साथ जन्माभिषेक किया गया। मंदिर के युवाचार्य पं. योगेश शर्मा ने बताया कि सामूहिक संगीतमय सुंदरकांड के पाठ हुए। पूरे मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया। अनेक गणमान्य लोग, जन प्रतिनिधि भी यहां सजी विशेष झांकी के दर्शन करने पहुंचे।
खोले के हनुमानजी मंदिर में सुबह हनुमानजी महाराज का 108 औषधि द्रव्यों और विभिन्न तीर्थों के जल से मंत्रोच्चारण के साथ महाअभिषेक कर षोडशोपचार पूजन किया गया। हनुमानजी महाराज को चांदी की भारी भरकम पोशाक धारण करवा कर विशेष श्रृंगार किया गया। दोपहर में विशेष उत्सव आरती हुई। पूरे मंदिर परिसर को गुब्बारों और फूलों से सजाया गया। दिनभर मंदिर श्रद्धालुओं से अटा रहा। श्रद्धालु नारियल और प्रसाद लेकर दर्शन करने पहुंचे।
चांदपोल हनुमान मंदिर में पंचामृत अभिषेक कर विशेष शृंगार किया गया। सांगानेरी गेट स्थित पश्चिम मुुखी हनुमान मंदिर में अभिषेक, श्रृंगार, पूजन और महाआरती हुई। यहां उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने पूजा-अर्चना की।
चांदपोल बाजार स्थित ठिकाना मंदिर श्री रामचंद्र जी में हनुमत जन्मोत्सव मनाया गया। हनुमानजी का पंचामृत अभिषेक कर केवड़ा , गुलाब जल, सुगंधित इत्र, गंगाजल आदि को मिश्रित कर स्नान कराया गया।
अंबाबाड़ी स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। सुबह वेद मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के पुजारी ने हनुमान जी महाराज का अभिषेक किया। नवीन पोशाक धारण कराकर 56 भोग अर्पित किए गए। महोत्सव में बालाजी हवा में उड़ते हुए नजर आए। साथ ही विभिन्न आकर्षक झांकियों का सजीव प्रदर्शन किया गया। मंदिर द्वार को उज्जैन महल की थीम पर सजाया गया। जहां से भक्तों ने मंदिर में प्रवेश किया। हनुमान पार्क के प्रवेश द्वार पर वैष्णो देवी, महालक्ष्मी एवं दुर्गा स्वरूप की जंगल थीम सजाई गई आकर्षण का केन्द्र रही। शाम को हनुमान पार्क में संगीतमय सुंदरकांड पाठ हुए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने एक स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान 20 बच्चे वानर सेना के रूप में उछल कूद करते रहे। देर रात रंगीन आतिशबाजी की गई।
गायत्री चेतना केन्द्र,मुरलीपुरा की ओर से मुरलीपुरा के विकासनगर बी स्थित श्री राम दूत हनुमान मंदिर में राम जन्मोत्सव भक्तिभाव से मनाया गया। मंदिर के पुजारी पं. महावीर उपाध्याय ने हनुमान जी महाराज को सिंदूरी चोला धारण कराया। नवीन पोशाक धारण कराकर ऋतु पुष्पों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। ज्योति शर्मा, नंदन शर्मा एवं अन्य श्रद्धालुओं ने आरती उतारी। बाबूलाल अग्रवाल ने छप्पन भोग अर्पित किए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हनुमान जी महाराज की झांकी के दर्शन किए।
श्री मन्न नारायण प्रन्यास मंडल की ओर से त्रिपोलिया बाजार में तंवर जी को नोहरा स्थित श्री शिव शक्ति हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया। पं. दिनेश शर्मा के सान्निध्य में प्रन्यास के अध्यक्ष तरुण भारती ने हनुमान जी महाराज का पंचामृत से अभिषेक कर सिंदूरी चोला धारण कराया। नवीन पोशाक धारण कराकर सुंदरकांड के पाठ किए। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया।
राजधानी के के प्रसिद्ध पेट्रोल पंप वाले बालाजी मंदिर पर हनुमान जन्मोत्सव गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने यहां पूजा-अर्चना कर प्रदेश में सुख-शांति की कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया। यहां सोहनलाल सरावगी चैरिटेबल ट्रस्ट और पेट्रोल पंप वाले बालाजी सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह नीलकंठ महादेव मंदिर से गाजेबाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर चल रही थी। कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए बालाजी मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ स्वागत किया।
इसके साथ ही भांकरोटा बालाजी मंदिर से पदयात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्ति भाव से शामिल हुए। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
शाम को संगीतमय सुंदरकांड पाठ में भक्त भक्ति रस में सराबोर हो गए। सुंदरकांड के मधुर पाठ एवं भजनों ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। हनुमान जन्मोत्सव पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह -शाम तो लंबी कतार लग गई। श्रद्धालु प्रसाद-नारियल लेकर मंदिर पहुंचे।
झोटवाड़ा रीको क्षेत्र स्थित बड़पीपली बालाजी धाम में हनुमान जन्मोत्सव पर्व पर भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। महंत प्रमेन्द्र नाथ महाराज के सान्निध्य में पवनपुत्र हनुमान जी का 108 किलो दूध से अभिषेक कर आकर्षक एवं नयनाभिराम श्रृंगार किया गया। जन्मोत्सव पर धाम में जन कल्याण की भावना से विशेष ‘महागद्दी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हजारों भक्तों ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। धाम परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर महंत प्रमेन्द्र नाथ महाराज के शिष्य विक्रम सिंह रुंडल के नेतृत्व में मुरलीपुरा के भौमिया जी मंदिर से बड़पीपली बालाजी धाम तक विशाल धर्म ध्वज यात्रा निकाली गई। हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धर्म ध्वज यात्रा के धाम पहुंचने पर महंत महाराज ने हनुमान जी की विधिवत आरती कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इसके बाद आयोजित महागद्दी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रीफल अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं। महंत महाराज ने श्रद्धालुओं का झाड़ा लगाकर उनके जीवन में सुख, शांति और आनंद की कामना की तथा सभी को रक्षा सूत्र प्रदान किए। राकेश कुमार शर्मा, प्रताप भानु सिंह, राम सिंह शेखावत, राधेश्याम शर्मा, नरेंद्र सिंह, विष्णु शर्मा, अनिरुद्ध सिंह एव अन्य ने व्यवस्थाओं का सफल संचालन किया।
रामेष्ट दरबार की ओर से हनुमान जन्मोत्सव पर गुरुवार को मुरलीपुरा के नानूनगर की ऋषि कॉलोनी स्थित श्री दक्षिणमुखी हनुमान शिव मंदिर में संगीतमय श्री सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। राम दरबार के समक्ष ब्रजलाल जांगिड़, मूलचंद जांगिड़, हरीश जांगिड़ एवं अन्य ने भजनों की स्वर लहरियों के साथ श्री सुंदरकांड की चौपाइयों का गायन किया। राजूलाल सैनी ने सभी का स्वागत किया। शाम को बैनाड़ रोड स्थित श्यामनगर विस्तार में संगीतमय सुंदरकांड का पाठ किया गया।
श्री हनुमान चालीसा प्रबंध समिति की ओर से भक्ति और संस्कारों के प्रसार के लिए विशेष आयोजन किए गए। समिति के संस्थापक संत अमरनाथ महाराज के सानिध्य में श्री भन्दे बालाजी धाम से प्रारंभ हुए “हर घर में हो अर्थ सहित हनुमान चालीसा” अभियान के तहत गुरुवार को शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं के बीच अर्थ सहित हनुमान चालीसा की पुस्तकों का वितरण किया गया।
अभियान के तहत समिति के सदस्य अलग-अलग टीमों में विभाजित होकर विभिन्न मंदिरों में पहुंचे और भक्तों को हनुमान चालीसा की पुस्तकें भेंट कीं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक हनुमान भक्ति का संदेश पहुंच सके। विशेष रूप से बच्चों के लिए सचित्र और अर्थ सहित हनुमान चालीसा पुस्तक को उपयोगी बताया गया, जिससे वे चित्रों के माध्यम से चौपाइयों का अर्थ आसानी से समझ सकें।
इस अवसर पर संत अमरनाथ महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गोस्वामी तुलसीदास के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ करने से पूर्व तुलसीदास जी का स्मरण करने से पाठ का पूर्ण फल प्राप्त होता है और व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
उन्होंने बताया कि हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए राम नाम जप और हनुमान चालीसा के 108 पाठ का विशेष महत्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं को नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने और इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सांगानेरी गेट स्थित प्रसिद्ध पश्चिम मुखी हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर बजरंगबली के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और आमजन के सुख-समृद्धि की कामना की।
उपमुख्यमंत्री ने पवनपुत्र श्री हनुमान से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे सभी के जीवन में शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें। उन्होंने इस अवसर पर लोगों से धर्म, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेने का आह्वान भी किया।
हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ बजरंगबली की आराधना कर पर्व मनाया।
मानसरोवर स्थित प्रजापति विहार के श्री चिन्ताहरण काले हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में आकर्षक फूल बंगला झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
मंदिर के महंत महामंडलेश्वर मनोहरदास महाराज के सानिध्य में भगवान हनुमान का पंचामृत एवं चमेली के तेल से विधिवत अभिषेक किया गया। इसके पश्चात नवीन पोशाक धारण कराकर लड्डू, मिष्ठान और फलों का भोग अर्पित किया गया।
मंदिर परिसर में 27 मार्च से चल रहे एकादश कुंडात्मक हनुमत् महायज्ञ की गुरुवार को पूर्णाहुति हुई। देश-विदेश से पधारे संत-महंतों ने श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना के साथ यज्ञ में आहुतियां दीं। यज्ञ का संचालन आचार्य पंडित अश्विनी चतुर्वेदी के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।
महाआरती के पश्चात आयोजित भंडारा प्रसादी में हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के मुख्य यजमान चंद्र प्रकाश भाड़ेवाला ने पधारे संत-महंतों का स्वागत एवं सम्मान किया।
मंदिर प्रवक्ता प्रियाशरण महाराज ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर दिनभर हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड के पाठ किए गए। मंदिर परिसर को गुब्बारों, ध्वज-पताकाओं और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
प्रथम पूज्य मोती डूंगरी गणेश मंदिर से चांदी की टकसाल स्थित काले हनुमान मंदिर तक हाथी, घोड़े, लवाजमे के साथ ध्वज यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाथ में हनुमान जी महाराज का ध्वज लेकर चल रहे थे। बड़ी संख्या में महिलाएं लाल रंग की साड़ी पहन कर ध्वज यात्रा में शामिल हुई। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर के महंत पं. कैलाश शर्मा ने ध्वज पूजन कर यात्रा का शुभारंभ किया। ध्वज यात्रा में अनेक झांकियां थीं। मुख्य झांकी के रूप में हनुमान जी राम- लक्ष्मण को हनुमान जी कंधे पर बैठाकर चल रहे थे।
हनुमान जी महाराज के जयकारे लगाते हुए बढ़ रही यात्रा का जगह-जगह-जगह धार्मिक संगठनों ने स्वागत किया। चांदी की टकसाल स्थित काले हनुमान मंदिर में पहुंचकर यात्रा संपन्न। यहां मंदिर के महंत गोपाल दास महाराज ने मुख्य रथ की आरती की।
श्रीहनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हाथोज धाम पदयात्रा समिति के तत्वावधान में शास्त्री नगर से 9वीं पदयात्रा रवाना रवाना हुई।पदयात्रा शास्त्रीनगर के निहालेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर हाथोज स्थित श्री दक्षिणमुखी बालाजी मंदिर पहुंची। पदयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु झांकियों के साथ हनुमान जी महाराज के जयघोष लगाते चल रहे थे। श्री दक्षिणमुखी बालाजी मंदिर में पदयात्रा का ध्वज पूजन कर बालाजी को ध्वज अर्पित किया गया। पदयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
श्री हनुमान जन्मोत्सव पर मानसरोवर मित्र मण्डल के तत्वावधान में गुरुवार शाम को शोभायात्रा एवं दुपहिया वाहन रैली निकाली गई। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान हनुमान के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
शोभायात्रा का शुभारंभ प्राचीन मंदिर श्री काले हनुमान जी, जोन-23, सुखालपुरा, स्वर्ण पथ, मानसरोवर से हुआ। शोभायात्रा जयकारों के साथ विभिन्न मार्गों से होती हुई शनि बालाजी मंदिर, एसएफएस चौराहा पहुंची। यहां वाहन रैली का समापन किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश