जयपुर में सोमवार से दस दिवसीय गणेशोत्सव का आगाज

 


जयपुर, 13 सितंबर (हि.स.)। गुलाबी नगरी छोटी काशी में प्रथम पूज्य भगवान गणेश का जन्मोत्सव सोमवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसके साथ ही दस दिवसीय गणेशोत्सव का आगाज होगा। उत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन के साथ होगा। गणेश जन्मोत्सव को लेकर शहर के प्रमुख गणेश मंदिरों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

मंदिरों को रंगीन रोशनी, बंदनवार और सजावटी पन्नियों से सजाया गया है। घरों में भी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कर अभिषेक, नया चोला, पूजन और आरती की जाएगी।

मोतीडूंगरी गणेशजी मंदिर, गढ़ गणेश, नहर के गणेशजी, परकोटा गणेश मंदिर, ध्वजाधीश गणेश, लाल डूंगरी गणेश, सिद्धिविनायक मंदिर, सूरजपोल स्थित श्री श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर, बंगाली बाबा आश्रम दिल्ली रोड स्थित गणेश मंदिर, कुंदीगर भैरुजी के रास्ते स्थित सिद्ध गणेश मंदिर सहित ब्रह्मपुरी माउंट रोड स्थित दक्षिणावर्ती सूंड एवं दक्षिणाभिमुख श्री नहर के गणेशजी मंदिर में विशेष आयोजन होंगे।

पंडित राजेश कुमार शर्मा के अनुसार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे शुरू होकर 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को ही मनाई जाएगी। गणेश पूजन का मध्याह्न काल सुबह 11:08 बजे से दोपहर 1:36 बजे तक रहेगा। इस दौरान दोपहर 12:47 बजे तक ब्रह्म योग रहेगा। रवि योग और स्वाति नक्षत्र का भी संयोग रहेगा।

इस बार गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज का एक ही दिन होना विशेष संयोग है। तृतीया तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे समाप्त होने के बाद चतुर्थी शुरू होगी। महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर हरतालिका तीज का व्रत रखेंगी। वहीं शुभ मुहूर्त में घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी।

सोमवार भगवान शिव को समर्पित होने और इसी दिन गणेश चतुर्थी पड़ने से पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गणपति को प्रथम पूज्य मानकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाएगी।

गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश पूजन समिति की ओर से चारदीवारी के प्रमुख द्वारों पर विराजित गणेश प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। शहर के विभिन्न मंदिरों में महाआरती, जागरण और शोभायात्राओं के आयोजन भी होंगे। गणेश जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों और घरों में विशेष सजावट की गई है और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश