मतगणना से पहले भाजपा ने जयपुर में शुरू की प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी
जयपुर, 12 सितंबर (हि.स.)। नगर निगम चुनाव की मतगणना से पहले भाजपा ने जयपुर में अपने पार्षद प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी है। शनिवार दोपहर भाजपा शहर कार्यालय पहुंचे प्रत्याशियों को बसों के जरिए एक रिसॉर्ट में भेजा गया। पार्टी ने प्रत्याशियों को 22 सितंबर तक का सामान साथ लाने के निर्देश दिए थे। बताया जा रहा है कि प्रत्याशियों को चार-पांच दिन एक साथ रखा जाएगा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार मतगणना के बाद बोर्ड गठन तक संभावित विजयी प्रत्याशियों को एकजुट रखना इस कवायद का उद्देश्य है। भाजपा ने प्रत्याशियों को फोन कर प्रशिक्षण शिविर की जानकारी दी और शनिवार दोपहर 12 बजे शहर कार्यालय पहुंचने के लिए कहा था। इसके बाद सांगानेर, विद्याधरनगर और आमेर सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रत्याशियों को बसों से रवाना किया गया।
भाजपा शहर जिला अध्यक्ष अमित गोयल ने बताया कि सभी प्रत्याशी एक जगह परिवार की तरह रहेंगे। शिविर में पार्टी की रीति-नीति, वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य और सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। वरिष्ठ नेता भी शिविर में पहुंचकर प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी में प्रशिक्षण की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है और यह उसी का हिस्सा है।
शिविर के लिए रवाना हुए प्रत्याशियों में वार्ड 88 की प्रत्याशी शशि मिश्रा अपने पांच वर्षीय बेटे के साथ और वार्ड 143 की प्रत्याशी निधि सैन अपने दो माह के बच्चे के साथ शामिल हुईं। गोयल ने 22 सितंबर तक रुकने के सवाल पर कहा कि पार्टी का जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
भाजपा की यह रणनीति उन निकायों पर भी केंद्रित है, जहां चुनाव परिणाम करीबी रहने की संभावना है। स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर संभावित विजयी निर्दलीय प्रत्याशियों पर है।
14 सितंबर को मतगणना के बाद दोनों दलों की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद बोर्ड गठन की प्रक्रिया में 21 सितंबर को महापौर और 22 सितंबर को उप महापौर का चुनाव होना है। ऐसे में मतगणना से लेकर बोर्ड गठन तक का समय दोनों प्रमुख दलों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश