जयपुर में जुटेंगे 20 देशों के 2 हजार से अधिक फेफड़ा रोग विशेषज्ञ
जयपुर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। फेफड़ों की बीमारियों और श्वसन स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा के लिए जयपुर में 22 से 25 अक्टूबर तक चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नैपकॉन-2026 आयोजित होगा। नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियंस, इंडिया और इंडियन चेस्ट सोसाइटी के 28वें संयुक्त वार्षिक सम्मेलन में भारत सहित 20 से अधिक देशों के 2 हजार से अधिक फेफड़ा रोग विशेषज्ञ, चिकित्सक और शोधकर्ता भाग लेंगे। बी.एम. बिड़ला ऑडिटोरियम में होने वाले सम्मेलन में 500 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
सम्मेलन में वायु प्रदूषण का फेफड़ों पर प्रभाव, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), अस्थमा, एलर्जी, फेफड़ों के कैंसर की पहचान, गंभीर मरीजों की देखभाल और श्वसन रोगों के आधुनिक निदान एवं उपचार पर चर्चा होगी। उन्नत ब्रोंकोस्कोपी, एंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड और फेफड़ों की जटिल बीमारियों के बेहतर मूल्यांकन के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जाएगा।
आयोजन अध्यक्ष एवं वरिष्ठ फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य नवीनतम शोध, चिकित्सकीय अनुभव और नई तकनीकों को साझा कर मरीजों के निदान, उपचार और दीर्घकालीन देखभाल में सुधार करना है। आयोजन सचिव एवं आरयूएचएस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. विनोद जोशी ने समय रहते बीमारी की पहचान, सटीक निदान, नियमित चिकित्सकीय परामर्श और मरीजों को जागरूक करने की आवश्यकता बताई।
आयोजन सचिव एवं वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. रमाकांत दीक्षित ने कहा कि चिकित्सा तकनीकों में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच विशेषज्ञों के लिए निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक है। सम्मेलन में अनुभवी चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और युवा चिकित्सा पेशेवरों को अपने अनुभव साझा करने तथा नई तकनीकों को उपचार में अपनाने का अवसर मिलेगा।
सम्मेलन से पहले हुई प्रेस वार्ता में नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियंस, इंडिया के सचिव डॉ. एस.एन. गौर, इंडियन चेस्ट सोसाइटी के सचिव डॉ. सुभाकर कांडी, वैज्ञानिक समिति के अध्यक्ष डॉ. आर.एन. सोलंकी, कोषाध्यक्ष डॉ. महेश महीच, डॉ. शुभ्रा जैन, डॉ. गोविंद राजावत और कार्यशाला समन्वयक मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन से श्वसन चिकित्सा के क्षेत्र में वैज्ञानिक ज्ञान के आदान-प्रदान, विशेषज्ञों के बीच सहयोग और बेहतर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश