एआई से बीच वेडिंग तक नए ट्रेंड्स पर मंथन: आईडब्ल्यूटीसी में विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

 


जयपुर, 20 जुलाई (हि.स.)। इंटरनेशनल वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव (आईडब्ल्यूटीसी) सीजन-3 के दूसरे दिन सोमवार को वेडिंग इंडस्ट्री के बदलते स्वरूप और भविष्य के ट्रेंड्स पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। 'द एआई वेडिंग्स' विषय पर आयोजित मास्टर क्लास में एआई विशेषज्ञ मोहम्मद इरशाद ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से वेडिंग प्लानिंग, गेस्ट मैनेजमेंट, डिजिटल इनविटेशन, डेकोरेशन, बजट प्लानिंग और कंटेंट क्रिएशन अधिक स्मार्ट और प्रभावी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि एआई तकनीक से वेडिंग प्लानर्स 50 प्रतिशत तक समय की बचत कर कम लागत में बेहतर सेवाएं दे सकते हैं।

'ग्रेट ग्रैंड कूकस रोड' सत्र में महावीर शर्मा, रजत सेठी, हेमंत और अनूप पाण्ड्य ने बताया कि जयपुर का कूकस-दिल्ली रोड कॉरिडोर तेजी से अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में उभर रहा है। क्षेत्र में डेस्टिनेशन वेडिंग्स में 30-40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है और आने वाले वर्षों में यहां 10 से अधिक नए लग्जरी होटल एवं रिसॉर्ट विकसित होने की संभावना है।

'द वेडिंग बजट इकोनॉमिक्स' सत्र में प्रितेश शर्मा ने लागत प्रबंधन और नए बिजनेस मॉडल पर चर्चा की। वहीं 'अमेजिंग वेडिंग ट्रेंड्स' और 'फ्यूचर ऑफ बीच वेडिंग' सत्र में गोवा टूरिज्म के डॉ. गेविन डाइएस ने डेस्टिनेशन वेडिंग और पर्यटन के नए रुझानों पर प्रस्तुति दी। 'वायरल वेडिंग रील' सहित अन्य सत्रों में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका, भारतीय शादियों की बदलती पसंद और उद्योग के भविष्य पर मंथन हुआ। कॉन्क्लेव में फोरम के प्रेसिडेंट हितेश शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट अजय चौहान, सेक्रेटरी भुवनेश अग्रवाल और पूर्व प्रेसिडेंट मोहित माहेश्वरी सहित वेडिंग एवं हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री से जुड़े अनेक विशेषज्ञ मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश