अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी मेडिसिन दिवस पर नारायणा हॉस्पिटल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

 


जयपुर, 28 मई (हि.स.)। नारायणा हॉस्पिटल जयपुर में अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी मेडिसिन दिवस 2026 के अवसर पर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और समय पर उपचार के महत्व को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल की इमरजेंसी मेडिसिन टीम ने बेसिक लाइफ सपोर्ट बीएलएस प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया।

प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को कार्डियक अरेस्ट बेहोशी हीटस्ट्रोक और अन्य मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में शुरुआती मिनटों में दी जाने वाली जरूरी सहायता की जानकारी दी गई। इस दौरान सीपीआर मरीज की सांस और पल्स जांचने की प्रक्रिया तथा एम्बुलेंस पहुंचने से पहले की जाने वाली प्राथमिक सहायता का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि मेडिकल इमरजेंसी के दौरान सही समय पर दिया गया बेसिक लाइफ सपोर्ट कई मामलों में मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही गर्मियों में बढ़ते हीटस्ट्रोक डिहाइड्रेशन और कार्डियक इमरजेंसी के मामलों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।

इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की कंसल्टेंट डॉ. ईशा सिंह ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी स्थितियां तेजी से मेडिकल इमरजेंसी में बदल सकती हैं। तेज बुखार अत्यधिक कमजोरी चक्कर आना उलझन या बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचना मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि गर्मियों में बुजुर्गों बच्चों हृदय रोगियों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पर्याप्त पानी पीना लंबे समय तक धूप में रहने से बचना और शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के डायरेक्टर बलविंदर सिंह वालिआ ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी अस्पताल की प्राथमिक जिम्मेदारी होती हैं। एनएबीएच और जेसीआई जैसी मान्यताएं इस बात का संकेत हैं कि अस्पताल अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा गुणवत्ता और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े मानकों का पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों और उनके परिजनों का भरोसा मजबूत होता है।

कार्डियक एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के क्लिनिकल डायरेक्टर एवं एचओडी डॉ. प्रदीप कुमार गोयल ने कहा कि मेडिकल इमरजेंसी केवल दुर्घटनाओं तक सीमित नहीं रहती। अत्यधिक गर्मी शरीर पर गंभीर प्रभाव डालती है और कई बार यह हृदय संबंधी समस्याओं को भी बढ़ा सकती है। ऐसी स्थिति में प्रशिक्षित इमरजेंसी टीम त्वरित निर्णय और समन्वित उपचार प्रणाली मरीजों के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने में मदद करती है।उन्होंने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है इसलिए अस्पतालों में मानकीकृत प्रोटोकॉल और प्रशिक्षित टीम की उपलब्धता बेहद आवश्यक है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार जेसीआई यानी जॉइंट कमीशन इंटरनेशनल मान्यता अस्पतालों को मरीजों की सुरक्षा संक्रमण नियंत्रण समय पर इलाज प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर दी जाती है। कार्यक्रम के दौरान लोगों को गर्मियों में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक किया गया और समय पर चिकित्सा सहायता लेने के महत्व पर बल दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश