स्वतंत्रता संग्राम के महान वीरों शहीद अमरचंद बांठिया और बीरबल राम जीनगर की मूर्तियों की स्थापना
बीकानेर, 19 अप्रैल (हि.स.)। बीकानेर नगर स्थापना दिवस पर मेडिकल कॉलेज चौराहा स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति मंदिर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम के महान वीरों शहीद अमरचंद बांठिया और बीरबल राम जीनगर की मूर्तियों की स्थापना कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश सोनगरा ने की और मुख्य अतिथि वेटरनरी कॉलेज के सेवानिवृत्त डीन डॉ. जे.एस. मेहता थे। इस अवसर पर बीकानेर के वरिष्ठ समाजसेवी तथा डूंगर कॉलेज के सेवानिवृत्त व्याख्याता एवं 'अमरचंद बांठिया स्मृति उपन्यास' के लेखक धर्मचंद जैन का सुमतीलाल बांठिया, संतोष बांठिया एवं दिलीप बांठिया द्वारा बीकानेरी साफा, शॉल, श्रीफल और माल्यार्पण से स्वागत किया गया। इस अवसर पर वंदे मातरम टीम के विजय कोचर के प्रयासों की सराहना करते हुए श्री संतोष बांठिया ने उनका भी माल्यार्पण कर सम्मान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों ने शहीदों के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष ओम सोनगरा ने बताया कि शहीद अमरचंद बांठिया (1793-1858) राजस्थान के बीकानेर में जन्मे एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें 'राजस्थान का मंगल पांडे' और '1857 की क्रांति का भामाशाह' कहा जाता है। उन्होंने ग्वालियर के राजकोष के प्रभारी रहते हुए तांतया टोपे और रानी लक्ष्मीबाई को आर्थिक सहायता देकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में जबरदस्त बिगुल बजा दिया। इस साहसी कार्य का बहुत बड़ा मूल्य चुकाना पड़ा – 22 जून 1858 को अंग्रेजों ने ग्वालियर में एक नीम के पेड़ पर उन्हें फाँसी दे दी, और उनके परिवार के सदस्यों को तोप से उड़ा दिया गया।
वहीं, बीरबल राम जीनगर को एक साहसी, निडर प्रजा परिषद के सक्रिय नेता के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने सामंती शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। रायसिंहनगर में जन्मे बीरबल राम जीनगर स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक आंदोलन में निरंतर सक्रिय रहे।
इस अवसर पर 'अमरचंद बांठिया स्मृति उपन्यास' के धर्मचंद जैन, संतोष कुमार, सुमती कुमार, दिलीप बांठिया, सचिन बांठिया, तन्मय बांठिया सहित समाज के गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव