इंजेक्शन लगने के बाद मासूम की मौत, परिजनों ने अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप

 


सिरोही, 20 मई (हि.स.)। पिंडवाड़ा में इंजेक्शन लगाने के बाद साढ़े तीन साल की बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

सिवेरा निवासी जितेंद्र कुमार मेघवाल मंगलवार सुबह अपनी साढ़े तीन वर्षीय बेटी हेजल परमार को उल्टी की शिकायत के बाद चौधरी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। यहां बच्ची को इंजेक्शन लगाया गया। परिजनों का आरोप है कि घर लौटने के कुछ देर बाद बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। इसके बाद वे दोबारा अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टर मौजूद नहीं मिला।

परिजन बच्ची को लेकर पिंडवाड़ा के एक अन्य निजी अस्पताल पहुंचे, जहां कथित रूप से केस लेने से इनकार कर दिया गया। बाद में बच्ची को आबूरोड ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मासूम की मौत के बाद परिजन शव लेकर वापस पिंडवाड़ा पहुंचे और चौधरी हॉस्पिटल के बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल संचालक अजबाराम चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग भी मौके पर एकत्रित हो गए। घटना के दौरान क्लीनिक में कथित तौर पर तोड़फोड़ की भी सूचना है।

बुधवार सुबह चिकित्सा विभाग की टीम चौधरी हॉस्पिटल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। चिकित्सकों ने अस्पताल संचालक और इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर से पूछताछ की। डॉ. अजबाराम चौधरी ने बताया कि दवाइयां उन्होंने लिखी थीं, जबकि इंजेक्शन कंपाउंडर ने लगाया था। मृत बच्ची के पिता जितेंद्र कुमार से भी उपचार संबंधी पर्ची के बारे में पूछताछ की गई।

पुलिस और चिकित्सा विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।

पिंडवाड़ा डीएसपी भंवर सिंह चौधरी के अनुसार इंजेक्शन लगने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने और उसकी मौत होने की पुष्टि हुई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित