गुलाबी सुंडी और टिड्डी नियंत्रण की जानकारी किसानों तक समय पर पहुंचे

 


बीकानेर, 1 जून (हि.स.)। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में गुलाबी सुंडी और टिड्डी नियंत्रण एवं प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय संभाग स्तरीय तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया। राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान जयपुर द्वारा प्रायोजित एवं अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) बीकानेर द्वारा आयोजित इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि एसकेआरएयू कुलपति डॉ. अरुण कुमार थे। विशिष्ट अतिथि राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ. ईश्वर लाल यादव, कृषि आयुक्तालय जयपुर के अतिरिक्त निदेशक कृषि आदान डॉ. सुवालाल जाट थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड बीकानेर के अतिरिक्त निदेशक कृषि डॉ. सुरेन्द्र सिंह शेखावत ने की। कार्यशाला में जयपुर से इस प्रशिक्षण के समन्वयक उप निदेशक विनोद कुमार सहित बीकानेर, चूरू एवं जैसलमेर जिलों के कृषि अधिकारी से लेकर अतिरिक्त निदेशक स्तर तक के 70 से अधिक कृषि अधिकारी मौजूद रहे।

मानव संसाधन विकास निदेशालय सभागार में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि गुलाबी सुंडी और टिड्डी नियंत्रण की जानकारी किसानों तक समय पर पहुंचे ताकि इस पर नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की, खड़गपुर, राजस्थान से एआई के जरिए भी इसके नियंत्रण में सहयोग लिया जा सकता है।

राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ. ईश्वर लाल यादव ने बताया कि यदि किसान पिछली कपास की खेती से बचे हुए डंठलों में से केवल खाली टिंडो ( बॉल) को जला दें तो गुलाबी सुंडी का प्रकोप आधा किया जा सकता है। पिछले साल हरियाणा और पंजाब में ऐसा ही किया गया था। उन्होंने बताया कि कपास निकालने के बाद भी गुलाबी सुंडी का कीड़ा कपास के टिंडे में जिंदा रहता है और मौसम अनुकूल होते ही बाहर निकल आता है।

कृषि आयुक्तालय जयपुर के अतिरिक्त निदेशक कृषि आदान डॉ. सुवालाल जाट ने टिड्डी नियंत्रण एवं प्रबंधन पर व्यापक एवं महत्वपूर्ण व्यावहारिक जानकारी दी। इससे पहले अतिरिक्त निदेशक कृषि डॉ. सुरेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि विभाग गुलाबी सुंडी एवं टिड्डी नियंत्रण को लेकर पहले से ही सतर्क हो गया है।

सहायक निदेशक सुभाष बिश्नोई ने बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला के अंतर्गत तकनीकी सत्र में टिड्डी नियंत्रण विभाग बीकानेर के डॉ.एनके भार्गव, पीएयू लुधियाना से सेवानिवृत्त प्रो. डॉ. जोगिंदर सिंह, एसकेआरएयू बीकानेर के कीट विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीएस आचार्य, कीट विज्ञानी डॉ. केशव मेहरा, सिरसा से आए डॉ. ऋषि कुमार, प्रधान कीट विज्ञानी डॉ. एचएल देसवाल, प्रो. अमर सिंह गोदारा, प्रो. बीडीएस नाथावत ने पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से तकनीकी जानकारी दी।

हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/संदीप