पूरे शहर में पानी को लेकर मची त्राहि-त्राहि

 


जोधपुर, 18 मई (हि.स.)। इंदिरा गांधी मुख्य नहर में की गई नहरबंदी के बाद से जोधपुर शहर में पानी की स्थिति लगातार बिगड़ी हुई है। पूरे शहर में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है और लोग हर बूंद की कदर कर रहे हैं। वहीं प्रशासन रोज नए दावे कर रहा है। पानी की कमी को देखते हुए एक बार फिर 21 मई को क्लोजर का ऐलान किया गया है। इसके अगले दिन 22 मई से जलदाय विभाग के अधिकारियों ने नियमित जलापूर्ति का दावा किया है। हालांकि, शहरवासियों का कहना है कि पिछले कई दावों के बावजूद नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पाई है। प्रशासन ने बार-बार राहत देने के लिए नए दावे किए हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा।

दरअसल पंजाब सरकार की अधिसूचना के अनुसार नहर बंदी 10 मई तक प्रस्तावित थी तथा 11 मई से हरिके बैराज से पुन: जल प्रवाह प्रारंभ किया जाना निर्धारित था, लेकिन पंजाब क्षेत्र में मरम्मत एवं तकनीकी कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण पर्याप्त जल प्रवाह में विलंब हुआ। इसके बाद चरणबद्ध रूप से हरिके बैराज से पानी छोड़ा गया। चौदह मई को लगभग 2500 क्यूसेक, 15 मई को 5500 क्यूसेक, 16 मई को प्रात: 7500 क्यूसेक एवं शाम को 10000 क्यूसेक तथा 17 मई को प्रात: 12000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

वर्तमान में इंदिरा गांधी मुख्य नहर में पानी का प्रवाह लगातार आगे बढ़ रहा है। विभाग को उम्मीद है कि राजीव गांधी लिफ्ट केनाल की आरडी 1109 तक पानी आज देर रात्रि अथवा 19 मई की प्रात: तक पहुंच जाएगा। इसके पश्चात लगभग दो दिवस में जोधपुर शहर स्थित कायलाना एवं तख्तसागर में पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। विभाग द्वारा 19 एवं 20 मई को उपलब्ध स्टोरेज के आधार पर नियमित जलापूर्ति की जाएगी। इसके पश्चात 21 मई को आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया पूर्ण कर 22 मई से शहर की जलापूर्ति सामान्य रूप से प्रारंभ कर दी जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश