सबसे विविध और गहरी जड़ों वाली बौद्धिक परंपराओं में से एक है भारतीय ज्ञान प्रणाली
बीकानेर, 28 फ़रवरी (हि.स.)। राजकीय डूंगर महाविद्यालय बीकानेर पीजी डिपार्मेंट आफ केमेस्ट्री एवं ग्रीन केमेस्ट्री नेटवर्क सेंटर हिंदू कॉलेज युनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली एवं रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री लंदन के संयुक्त तत्वावधान में ग्रीन केमेस्ट्री इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी व विशेष रूप से भारतीय ज्ञान परंपरा के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ सुरुचि गुप्ता द्वारा कॉन्फ्रेंस के बारे में संक्षिप्त में बताया गया। इसके बाद लद्दाख से आए प्रोफेसर एस के मेहता ने ग्रीन केमेस्ट्री की लद्दाख के एनवायरमेंट में उपस्थित चुनौतियों से लड़ने में उपयोगिता बताया। प्रोफेसर मेहता ने बताया कि भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) विश्व की सबसे प्राचीन, सबसे विविध और गहरी जड़ों वाली बौद्धिक परंपराओं में से एक है। अपने मूल में, आईकेएस केवल प्राचीन विचारों का संग्रह नहीं है यह जीवन, प्रकृति, समाज और ब्रह्मांड को समझने का एक समग्र दृष्टिकोण है। उद्घाटन सत्र में की नोट स्पीकर महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर मनोज दीक्षित रहे। प्रोफेसर मनोज दीक्षित ने अपने उद्बोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित समग्रता और एकाग्रता पर बल दिया। रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री लंदन नॉर्थ इंडियन ब्लॉक के सेक्रेटरी तथा जीसीएनसी हिंदू कॉलेज युनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली से आए प्रोफेसर आर के शर्मा ने ग्रीन केमेस्ट्री के विभिन्न पहलुओं पर बहुत गहन जानकारियां प्रदान की तथा बताया कि आईकेएस का प्रमुख विचार यह है कि ज्ञान को जीवन की सेवा करनी चाहिए।
राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर राजेंद्र पुरोहित ने अपने अध्यक्षीय भाषण में विद्यार्थियों व रिसर्च स्कॉलर्स को भारतीय ज्ञान परंपरा को किस तरीके से रिसर्च शामिल करते हुए हम आगे बढ़ सकते हैं के बारे में बताया।
कार्यक्रम के दौरान महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के रिसर्च डायरेक्टर प्रोफेसर अभिषेक वशिष्ठ कॉन्फ्रेंस के डायरेक्टर डॉ नरेंद्र भोजक कन्वीनर डॉ सत्यनारायण जाटोलिया ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री कोऑर्डिनेटर डॉक्टर भंडारी ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री उमा राठौर एवं डॉ राजाराम को कन्वीनर डॉ यादव डॉ मधुसूदन शर्मा ट्रेजरार डॉ एसके वर्मा डॉ राजेंद्र सिंह एवं राजकीय डूंगर महाविद्यालय के संकाय सदस्य एवं रिसर्च स्कॉलर भी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव