भारतीय सेना ने जोधपुर में 25 देशों के रक्षा पत्रकारों का किया स्वागत

 


जयपुर, 26 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के कोणार्क कोर द्वारा गुरुवार को जोधपुर में 25 देशों से आए अंतरराष्ट्रीय रक्षा पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया। इस दौरान पत्रकारों को भारतीय सेना के आधुनिकीकरण, रणनीतिक परिवर्तन और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान सेना के “परिवर्तन यात्रा” अभियान और बीते दशक में हुए संरचनात्मक सुधारों पर प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना अब स्वदेशी रक्षा निर्माण और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दे रही है, जिससे देश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सके। पत्रकारों को स्वदेशी हथियार प्रणालियों, अत्याधुनिक सैन्य प्लेटफार्मों और नई पीढ़ी के उपकरणों का प्रदर्शन भी कराया गया। बताया गया कि इन प्रणालियों के समावेश से विशेष रूप से मरुस्थलीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की संचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

जोधपुर जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में तैनात सैन्य इकाइयों की तैयारियों, आधुनिक संचार प्रणालियों और निगरानी तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया। विस्तृत ब्रीफिंग में बताया गया कि स्वदेशी तकनीकों के सहज समावेश ने भारतीय सेना को एक सशक्त और तकनीकी रूप से उन्नत बल के रूप में स्थापित किया है।

कार्यक्रम में मिलिट्री-सिविल फ्यूजन पहलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सेना की भूमिका को भी रेखांकित किया गया। इसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और पुल निर्माण, सामरिक अवसंरचना विकास, स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम और समुदायों तक निरंतर पहुंच जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन पहलों से पश्चिमी राजस्थान के दूरस्थ सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और सुरक्षा अवसंरचना को सुदृढ़ किया गया है। साथ ही सेना की संचालनात्मक तत्परता भी उच्च स्तर पर बनाए रखी गई है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया दल ने भारतीय सेना की व्यावसायिकता, संचालन उत्कृष्टता और वैश्विक रक्षा सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। इस दौरे को भारत की रक्षा तैयारियों और राष्ट्रीय विकास के एकीकृत दृष्टिकोण को प्रदर्शित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जन संपर्क अधिकारी (रक्षा) लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन के अनुसार, यह पहल भारत के सुरक्षित, आत्मनिर्भर और समृद्ध विकसित राष्ट्र के विजन को साकार करने की दिशा में एक मजबूत संदेश है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित