आईएफएमएस 3.0 से वित्तीय व्यवस्था होगी अधिक पारदर्शी और तकनीक-सक्षम
जयपुर, 03 जून (हि.स.)। राजस्थान सरकार राज्य की वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) 3.0 को अधिक सक्षम और तकनीक-सक्षम बनाया जा रहा है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को सचिवालय से आयोजित आईएफएमएस 3.0 वेबिनार में कहा कि यह प्रणाली राज्य की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, ट्रेसेबल, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन, भुगतान प्रक्रिया, वित्तीय निगरानी और लेखा प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी मॉड्यूल्स का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुशासन की सोच के अनुरूप राज्य की ट्रेजरी और वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को और अधिक आधुनिक, मजबूत और विश्वसनीय बनाया जा रहा है।
वी. श्रीनिवास ने आईएफएमएस 3.0 को अधिक यूजर फ्रेंडली बनाने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुविधाओं को शामिल करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, प्रक्रियाओं के सरलीकरण और विभिन्न जिलों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करने पर जोर दिया।
उन्होंने आहरण एवं वितरण अधिकारियों, जिला स्तरीय अधिकारियों और संबंधित कार्मिकों के लिए नियमित प्रशिक्षण तथा क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश दिए, ताकि नई तकनीकों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। वेबिनार के दौरान मुख्य सचिव ने साइबर सुरक्षा की समीक्षा करते हुए कहा कि डिजिटल वित्तीय प्रणाली में डेटा सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने मजबूत साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने और साइबर खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि डेटा की विश्वसनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी विभागों को सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने कहा कि आईएफएमएस 3.0 राज्य की वित्तीय व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों और योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एसएनए स्पर्श सहित विभिन्न वित्तीय प्रणालियों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है और राजस्थान की वित्तीय प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन अन्य राज्य भी कर रहे हैं।
वेबिनार में अतिरिक्त निदेशक (आईएफएमएस) मनीष शुक्ला ने विभिन्न मॉड्यूल्स, ट्रेजरी प्रबंधन, राजस्व प्रबंधन प्रणाली, हेल्प डेस्क एवं सपोर्ट सिस्टम, एसएनए स्पर्श तथा साइबर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में विशेष शासन सचिव वित्त (बजट) शिवांगी स्वर्णकार, संयुक्त शासन सचिव (कोष एवं लेखा) संध्या शर्मा सहित वित्त, बजट, कोष एवं लेखा विभाग तथा एनआईसी के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं विभिन्न जिलों के जिला कलक्टर, कोषाधिकारी और उप कोषाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वेबिनार से जुड़े।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित