जयपुर में आईएओएचएनएस का शुभारंभ: एआई और आधुनिक सर्जरी पर मंथन
जयपुर, 25 सितंबर (हि.स.)। इंडियन एकेडेमी ऑफ ओटोलैरिंगोलॉजी एंड हेड-नेक सर्जरी (आईएओएचएनएस) की 12वीं कॉन्फ्रेंस का शुक्रवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, झालाना में शुभारंभ हुआ। 25 से 27 सितंबर तक चलने वाली कॉन्फ्रेंस में देशभर से आए विशेषज्ञ ईएनटी, हेड-नेक सर्जरी, न्यूरोटोलॉजी, राइनोलॉजी, ओटोलॉजी, बाल चिकित्सा, एलर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों पर चर्चा कर रहे हैं।
कॉन्फ्रेंस के साइंटिफिक चेयरमैन एवं एसएमएस अस्पताल के वरिष्ठ आचार्य डॉ. पवन सिंघल ने बताया कि ईएनटी और हेड-नेक सर्जरी में रोबोटिक सर्जरी का उपयोग अभी देश में सीमित है। कॉन्फ्रेंस में रोबोटिक तकनीक से बेहतर दृश्यता, उपकरणों की सूक्ष्म गति और आधुनिक उपचार पद्धतियों के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की जा रही है।
पहले दिन पांच हॉल में व्याख्यान, सिम्पोजियम, पैनल डिस्कशन, गेस्ट लेक्चर और प्रशिक्षण सत्र हुए। एआई के जरिए हेड-नेक कैंसर के निदान, उपचार और देखभाल की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। वहीं, एंडोस्कोपिक एंटीरियर स्कल बेस सर्जरी, प्री-ऑपरेटिव एम्बोलाइजेशन, हेड-नेक रिकंस्ट्रक्शन और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
न्यूरोटोलॉजी सत्र में चक्कर, वर्टिगो और संतुलन तंत्र से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई। डॉ. सिंघल ने मेनियर रोग के लक्षणों और उपचार संबंधी जानकारी साझा की। बाल चिकित्सा ईएनटी, नवजातों की सुनने की जांच, बच्चों के वायुमार्ग, थायरॉयड सर्जरी और ट्रांस-वेस्टिबुलर एंडोस्कोपिक थायरॉयडेक्टॉमी पर भी सत्र हुए।
एंडोस्कोपिक कान की सर्जरी, राइनोलॉजी, स्कल बेस सर्जरी, एलर्जिक राइनाइटिस, इम्यूनोथेरेपी और आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीकों पर भी विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। इंस्ट्रक्शनल कोर्स में शोध, थीसिस, रिसर्च ग्रांट और प्रकाशन से जुड़े प्रशिक्षण के साथ ‘डॉक्टरों के लिए सोशल मीडिया: वरदान या अभिशाप’ विषय पर पैनल चर्चा भी हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश