सोशल मीडिया पर संत के वचनों ने किया प्रभावित, घर को ही बना दिया मंदिर, 150 पोस्टर-फोटो में बसते हैं प्रेमानंद महाराज

 


चित्तौड़गढ़, 01 अगस्त (हि.स.)। हाल ही में पूरे देश में गुरु पूर्णिमा आस्था और श्रद्धा के साथ मनाई गई। शहर से गांव तक गुरु-शिष्य परंपरा की धूम रही। इसी बीच सांवलियाजी में एक भक्त ने अपने घर को ही वृंदावन के प्रेमानंद महाराज का दरबार बना दिया है। अपने घर में प्रेमानंद महाराज के 150 के करीब फोटो, पोस्टर, फ्रेम आदि लगा और अपने गुरु के प्रति श्रद्धा प्रकट की। घर में ही बनाए मंदिर में प्रतिदिन गुरु पाठ सहित अन्य धार्मिक नित्य क्रम जारी है। सोशल मीडिया पर दो साल पहले संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों ने ऐसा प्रभावित किया कि वृदावन जाकर गुरु दीक्षा ले ली। गौरतलब है कि वृंदावन के प्रेमानंद महाराज के देश भर में लाखों भक्त हैं। क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा भी उनके दर्शन के लिए जाते हैं। छोटे गांव-कस्बों तक उनके अनुयायी हैं। सांवलियाजी में वैभव शर्मा जैसे भक्त इस परंपरा को घर-घर तक पहुंचा रहे हैं।

सांवलियाजी निवासी रेस्टोरेंट व्यवसाई वैभव पुत्र स्व. मांगीलाल शर्मा ने बताया कि उन्होंने संत प्रेमानंदजी महाराज को अपना गुरु बनाया है। इन्हें अपने गुरु ने इतना प्रभावित किया है कि अपने पूरे घर में प्रेमानंद महाराज की 100 से ज्यादा पोस्टर, फोटो और फ्रेम लगा रखे हैं। कुल मिला कर घर में करीब 150 तस्वीरें हैं, जिनमें से कई की फ्रेमिंग भी करवाई गई है। वैभव ने बताया कि उन्होंने करीब करीब 6 महीने पहले ही घर में ये सभी पोस्टर और फोटो लगवाए हैं। वह पिछले 2 साल से वृंदावन जाकर गुरुजी के दर्शन कर रहे हैं। अब तक 5 से 6 बार वह सामने बैठ कर आशीर्वाद ले चुके हैं। करीब एक साल पहले उन्होंने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली और गुरु मंत्र प्राप्त किया।

वैभव ने बताया कि सोशल मीडिया पर उनके प्रवचन सुन कर प्रभावित हुआ। उनके वचनों ने जीवन बदल दिया। 40 साल की उम्र में पहली बार मेरे अंदर गुरु भावना जागी। इससे पहले कभी नहीं हुई थी। एक बार उनके वचन सुनने के बाद लगातार यह क्रम चल पड़ा है। दीक्षा के बाद गुरुजी ने उन्हें रोज पाठ के लिए ग्रंथ दिए हैं। वैभव प्रतिदिन पूजा-पाठ और गुरु माला जपते हैं।

वैभव का कहना है कि पैसा कितना भी कमा लें, अंत में गुरु की शरण में ही जाना है। पूजा करो या भक्ति, गुरु के बिना आध्यात्मिक प्रोग्रेस संभव नहीं है। गुरु स्वयं भगवान ही हैं। मेरे लिए गुरु की भक्ति ही है। यह कर ली तो सभी देवताओं की पूजा हो गई। जब वह बाहर होते हैं तो एक ऐप के जरिए पूजा और पाठ कर लेते हैं।

वैभव शर्मा ने घर में ही एक अलग कक्ष में मंदिर बना रखा है। इसमें भगवान सांवलिया सेठ की प्रतिमा स्थापित की है। साथ ही गुरु की चरण पादुका भी वृंदावन से लेकर आए हैं। यहां मंदिर में गुरु की चरण पादुका भी स्थापित की है। ऐसे में प्रतिदिन चरण पादुका की पूजा नियमित करते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल