अजमेर मंडल में सुरक्षा बढ़ाने के लिए 11 हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर लगाए गए
अजमेर, 18 मार्च (हि.स.)। अजमेर मंडल में रेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारतीय रेल ने अत्याधुनिक तकनीक के विस्तार के तहत अब तक 11 ‘हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर’ (एचएबीडी) स्थापित किए हैं। यह उपकरण रेल दुर्घटनाओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
हॉट एक्सल, यानी पहियों के धुरों का अत्यधिक गर्म होना, रेल हादसों के प्रमुख कारणों में माना जाता है। ऐसे में यह डिटेक्टर चलते हुए डिब्बों और वैगनों के पहियों के तापमान की निगरानी करता है। यदि किसी एक्सल का तापमान निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है, तो सिस्टम तुरंत उसकी पहचान कर लेता है और अलर्ट जारी करता है। इससे संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते टालने में मदद मिल रही है।
इस तकनीक की खासियत इसकी क्लाउड आधारित रियल-टाइम अलर्ट प्रणाली है। जैसे ही किसी कोच या वैगन में हॉट एक्सल की स्थिति बनती है, सिस्टम तुरंत कंट्रोल ऑफिस को सूचना भेज देता है। इससे संबंधित ट्रेन, डिब्बे और समस्या की सटीक जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाती है और त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है। अलर्ट मिलने के बाद संबंधित ट्रेन को अगले स्टेशन या उपयुक्त स्थान पर रोककर रोलिंग स्टॉक की गहन जांच की जाती है। समय रहते की गई यह कार्रवाई रेल संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने में सहायक साबित हो रही है।
मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा के अनुसार इस तकनीक के उपयोग से न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ी है, बल्कि ट्रेनों की समयपालन क्षमता में भी सुधार देखा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष