निवेदिता मेनन के उदयपुर कार्यक्रम पर सर्वसमाज का कड़ा विरोध, व्याख्यान निरस्त करने की उठी मांग
उदयपुर, 20 सितम्बर (हि.स.)। उदयपुर के विद्या भवन ऑडिटोरियम में 23 सितंबर को प्रस्तावित 'रमा मेहता स्मृति व्याख्यान' में जेएनयू की सेवानिवृत्त प्रोफेसर निवेदिता मेनन को मुख्य वक्ता बनाए जाने को लेकर सर्वसमाज ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। सर्वसमाज के प्रतिनिधियों ने प्रेस वार्ता आयोजित कर मेनन के पुराने बयानों को देशविरोधी व साम्प्रदायिकता भड़काने वाला बताते हुए कार्यक्रम को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
प्रेस वार्ता में डॉ. परमवीर सिंह दुलावत ने कहा कि निवेदिता मेनन लगातार अनर्गल व विभाजनकारी टिप्पणियों के कारण विवादों में रही हैं। उदयपुर जैसे शांत और सांस्कृतिक शहर में उन्हें मंच देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोजक रमा मेहता ट्रस्ट के साथ-साथ सेवा मंदिर और विद्या भवन सोसाइटी से जुड़े ट्रस्टियों की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि संस्थाओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे वक्ताओं को मंच क्यों दिया जा रहा है।
प्रतिनिधियों ने मेनन के पूर्व विवादों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2016 में कश्मीर पर उनके बयान से भारत के अधिकार को चुनौती दी गई थी, वहीं 2017 में जोधपुर विवि में भारतीय सैनिकों व सेना की भूमिका पर आपत्तिजनक सवाल उठाए गए थे। हाल ही में भारत को लेकर की गई अमर्यादित टिप्पणी, हिंदू समाज पर नकारात्मक बयान और धार्मिक-सामाजिक विषयों पर विभाजनकारी टिप्पणियों को लेकर समाज में गहरा रोष है। इसके अलावा जौहर और वीरांगना रानी पद्मावती के प्रति अपमानजनक दृष्टिकोण रखने वाली विचारधारा को मेवाड़ की पावन धरा पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सर्वसमाज ने प्रशासन और आयोजकों से मांग की है कि इस व्याख्यान को तुरंत रद्द किया जाए और संबंधित ट्रस्टी इस पर स्पष्टीकरण दें। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि कार्यक्रम निरस्त नहीं हुआ, तो सर्वसमाज व्यापक स्तर पर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता