सनातन चेतना से गूंजा बीकानेर, निमंत्रण सभा व भजन संध्या में धर्मयात्रा में अधिक भागीदारी का आह्वान

 


बीकानेर, 16 मार्च (हि.स.)। भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (विक्रम संवत 2083) के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली भव्य हिंदू धर्मयात्रा व महाआरती को लेकर शहर में तैयारियां लगातार तेज होती जा रही हैं। धर्मयात्रा के सफल आयोजन के लिए विभिन्न समाजों, संगठनों और बस्तियों में बैठकों तथा जनसंपर्क का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में शहर के बाहरा गुवाड़ में निमंत्रण सभा एवं भजन संध्या आयोजित की गई जिसमें बड़ी संख्या में सनातन प्रेमियों, युवाओं और मातृशक्ति ने भाग लेकर धर्मयात्रा को सफल बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भारतीय नववर्ष की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन केवल नया वर्ष प्रारंभ होने का अवसर नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सनातन जीवन मूल्यों के उत्सव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

इस अवसर पर विभाग संघचालक पं. नथमल पुरोहित ने कहा कि हिंदू नववर्ष भारतीय उत्सवों और सांस्कृतिक परंपराओं के आरंभ का प्रतीक है। सनातन संस्कृति में इस दिन को नवचेतना और नए संकल्पों के साथ मनाया जाता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आग्रह किया कि वे इस दिन को उत्सव के रूप में मनाते हुए धर्मयात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लें।

विभाग संघचालक टेकचंद बरडिया, भारतीय नववर्ष समारोह समिति के अध्यक्ष गणेश बोथरा, अतिथि जुगल किशोर ओझा (पुजारी बाबा जी) ने विचार रखे।

कार्यक्रम के दौरान भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें सूर्या पुरोहित, राहुल जोशी और कान्हा बीकानेरी ने भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भजनों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन राजा सांखी ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव