राजस्थान के 20 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, बांध छलके; नदियों का जलस्तर बढ़ा
जयपुर, 06 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शनिवार को जयपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में दिनभर बारिश का दौर चला। मौसम विभाग ने रविवार को भी करीब 20 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के चलते सवाई माधोपुर और धौलपुर के दो बांध छलक गए, जबकि कई बड़े बांधों के द्वार खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी।
तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। सवाई माधोपुर, बारां, बूंदी और कोटा जिलों में कई स्थानों पर नदियों पर बनी रपट पानी में डूब गईं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। बारां में नदी का पानी बढ़ने से कई रास्ते बंद हो गए और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले 24 घंटे में सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे ज्यादा 102 मिलीमीटर बारिश हुई। करौली, भरतपुर और अलवर के कई क्षेत्रों में करीब तीन इंच तक पानी बरसा।
अजमेर, बारां, बूंदी, दौसा, धौलपुर, करौली, टोंक, सीकर, कोटा और भीलवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में एक से दो इंच तक बारिश हुई।
लगातार बारिश के बाद भरतपुर के बंध बारैठा बांध के दो, धौलपुर के पार्वती बांध के दो, झालावाड़ के कालीसिंध बांध के तीन और कोटा के नवनेरा बांध के सात द्वार खोलकर पानी की निकासी की गई। वहीं धौलपुर का रामसागर बांध और सवाई माधोपुर का मानसरोवर बांध भी पानी से लबालब होकर छलक गया।
बारिश के कारण पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में तापमान में भी बड़ी गिरावट आ गई है। जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा और सवाई माधोपुर समेत कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब छह डिग्री नीचे पहुंच गया। कई स्थानों पर दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से भी कम रहा, जिससे दिन में भी मौसम में रात जैसी ठंडक महसूस हुई। इसके विपरीत पश्चिमी राजस्थान में सितंबर के बावजूद गर्मी का असर बना हुआ है और कई जिलों में दिन का तापमान 35 डिग्री से ऊपर मापा जा रहा है।
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अभी सक्रिय है।
इसके प्रभाव से रविवार को जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। कोटा संभाग में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 7 सितंबर से इस मौसम तंत्र का प्रभाव कमजोर पड़ना शुरू होगा और बारिश में कमी आएगी। 8 सितंबर के बाद प्रदेश में करीब एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना जताई गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित