गुरु पूर्णिमा पर राजस्थानी लहरिया वेशभूषा में सजे मोती डूंगरी गणेश
जयपुर, 29 जुलाई (हि.स.)। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शहर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भगवान गणेश का विशेष राजस्थानी लहरिया शृंगार किया गया। भगवान गणेश को पारंपरिक लहरिया पोशाक और साफा धारण कराकर आकर्षक फूल बंगले में विराजमान कराया गया। भगवान के साथ रिद्धि-सिद्धि, शुभ-लाभ और मूषकराज को भी लहरिया परिधान पहनाए गए, जिससे पूरा गणेश दरबार राजस्थानी रंगों में सजा नजर आया।
मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में तैयार कराई गई यह विशेष लहरिया पोशाक पूरे सावन मास में प्रत्येक बुधवार और रविवार को भगवान को धारण कराई जाएगी। लहरिया वस्त्रों पर बारीक जरी और आरी-तारी की कारीगरी की गई है तथा भगवान के लिए विशेष लहरिया साफा भी तैयार कराया गया है।
उन्होंने बताया कि भगवान की एक पोशाक तैयार करने में करीब 30 मीटर कपड़ा और 30 मीटर अस्तर, यानी कुल 60 मीटर वस्त्र का उपयोग किया गया है। इस वर्ष मंदिर ट्रस्ट ने भगवान गणेश के लिए चार विशेष लहरिया पोशाकें तैयार करवाई हैं, जिन्हें अलग-अलग अवसरों पर धारण कराया जाएगा।
महंत ने कहा कि लहरिया राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और लोक परंपरा का प्रतीक है। सावन में भगवान को लहरिया परिधान धारण कराकर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को मंदिर परंपरा से जोड़ा गया है। उन्होंने कामना की कि भगवान गणेश की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे और सावन का पावन महीना सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल लेकर आए।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और विशेष श्रृंगार के दर्शन कर भगवान गणेश से सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को पत्र-पुष्प और प्रसाद वितरित किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश