हजारों दीपों से जगमगाया गुप्त वृन्दावन धाम: कार्तिक मास का हुआ भव्य शुभारंभ

 






जयपुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। भक्त जिस पावन मास की पूरे वर्ष बेसब्री से प्रतीक्षा करते हैं, उस पवित्र कार्तिक मास का गुप्त वृन्दावन धाम में भव्य शुभारंभ हुआ। संध्या होते ही पूरा मंदिर परिसर हजारों दीपों की दिव्य रोशनी से जगमगा उठा।

गुप्त वृन्दावन धाम के अध्यक्ष अमितासना दास के अनुसार मंदिर में सायं कालीन आरती के दौरान भक्तों ने भगवान श्री श्री कृष्ण-बलराम की महाआरती की और श्रद्धा के साथ दीपदान किया। दीपों की कतारों से सजा मंदिर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वैकुंठ धाम धरती पर उतर आया हो।

कार्तिक मास को दामोदर मास के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर गुप्त वृन्दावन धाम में भगवान श्रीकृष्ण के दामोदर स्वरूप की विशेष झांकी सजाई गई है। इसमें यशोदा मैया द्वारा बाल कृष्ण को रस्सी से बांधने की मनोहारी लीला का अत्यंत सुंदर चित्रण किया गया है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, इस झांकी को भक्तों ने मिलकर एक माह के अखंड परिश्रम से तैयार किया है।

पूरे कार्तिक मास के लिए मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया है। शास्त्रों में उल्लेख है कि यह मास भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है। इस दौरान भक्त भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन 'श्री दामोदराष्टकं' का पाठ करते हैं।

वहीं मंदिर की ओर से इस पावन मास में विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इसके तहत 12 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा और तीन बार ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा यात्रा का आयोजन किया जाएगा।

वहीं 9 नवंबर को एक विशेष आध्यात्मिक यात्रा का आयोजन होगा, जिसमें जयपुर के सभी प्रमुख विग्रह, जो ऐतिहासिक रूप से वृंदावन से जयपुर पधारे हैं, उनके दर्शन जयपुर वासियों को कराए जाएंगे। पुराणों के अनुसार कार्तिक मास में प्रातःकाल कार्तिक स्नान, तुलसी पूजन और संध्या के समय तुलसी के समीप दीपदान करना अत्यंत शुभ और पुण्यकारी माना गया है। मान्यता है कि इससे करोड़ों गुना पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश