बलराम पूर्णिमा के साथ गुप्त वृंदावन धाम में हुआ जन्माष्टमी महोत्सवों का आगाज
जयपुर, 28 अगस्त (हि.स.)। जगतपुरा स्थित गुप्त वृंदावन धाम में शुक्रवार को श्री बलराम पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इसके साथ ही धाम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सवों की शुरुआत हो गई। बलराम पूर्णिमा के अवसर पर भगवान को 56 भोग की विशेष झांकी सजाई गई। संकीर्तन, पालकी उत्सव, महाअभिषेक और महाआरती के आयोजन हुए तथा श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया।
इससे पूर्व चल रही कृष्ण कथा का भी समापन हुआ। महोत्सव के दौरान धाम परिसर भक्ति संगीत और संकीर्तन से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान बलराम के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया।
वहीं धाम में शनिवार से तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कार्निवल शुरू होगा, जो 29 से 31 अगस्त तक चलेगा। आयोजन का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों से जोड़ना है।
कार्निवल में बच्चे राधा-कृष्ण और अभिभावक नंद-यशोदा सहित अन्य पौराणिक पात्रों की वेशभूषा में शामिल होंगे। भक्ति संगीत, कीर्तन, शास्त्रीय नृत्य और आमंत्रित कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
गुप्त वृंदावन धाम के मीडिया प्रवक्ता सिद्ध स्वरूप दास ने बताया कि गुप्त वृंदावन धाम में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य महोत्सव आयोजित होगा। इसके लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए चार अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की जा रही है। धाम प्रबंधन के अनुसार जन्माष्टमी पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
दिनभर विशेष अभिषेक, 108 भोग और संकीर्तन होंगे। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का विशेष महाअभिषेक किया जाएगा।
जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर को नन्दोत्सव एवं श्रील प्रभुपाद व्यास पूजा महोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर विशेष अभिषेक के साथ भगवान को 1008 भोग अर्पित किए जाएंगे। वहीं 6 सितंबर को भगवद्गीता की शिक्षाओं पर आधारित विशेष नि:शुल्क सेमिनार आयोजित किया जाएगा।
गुप्त वृंदावन धाम के मीडिया प्रवक्ता सिद्ध स्वरूप दास ने बताया कि जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश