जयपुर के प्रवेश मार्गों पर बनेंगे राजस्थानी संस्कृति से प्रेरित तीन भव्य स्वागत द्वार, 5.36 करोड़ की परियोजना
जयपुर, 25 जुलाई (हि.स.)। राजधानी जयपुर में प्रवेश करने वाले पर्यटकों और आगंतुकों का स्वागत अब राजस्थानी संस्कृति की अनुपम छटा के साथ होगा। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) शहर के तीन प्रमुख प्रवेश मार्गों पर ‘वेस्ट टू आर्ट’ थीम आधारित भव्य स्वागत द्वार विकसित करेगा। करीब 5.36 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह पहल की जा रही है। इन स्वागत द्वारों के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और अतिथि सत्कार की भावना को कलात्मक रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।
परियोजना के तहत पहला स्वागत द्वार दिल्ली कुंडा मोड़ से आमेर जाने वाले मार्ग पर बनाया जाएगा, जिसकी थीम ‘खम्मा घणी’ होगी। यह द्वार राजस्थान की आत्मीयता और अतिथि सत्कार की परंपरा का प्रतीक बनेगा। दूसरा स्वागत द्वार घाट की गुणी टोल प्लाजा पर तैयार होगा, जिसे पारंपरिक लहरिया डिज़ाइन की थीम पर विकसित किया जाएगा।
वहीं तीसरा स्वागत द्वार गंगा मार्ग पर प्रस्तावित न्यू जयपुर के सामने बनाया जाएगा, जहां पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में महिला और पुरुषों की कलात्मक आकृतियां ‘पधारो म्हारे देस’ की भावना को साकार करेंगी।
परियोजना में सिविल निर्माण, विद्युत कार्य और उद्यान विकास भी शामिल होगा। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और इसे छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जेडीए का मानना है कि यह परियोजना न केवल शहर के प्रवेश मार्गों को आकर्षक और भव्य स्वरूप देगी, बल्कि ‘वेस्ट टू आर्ट’ की अवधारणा के माध्यम से अनुपयोगी सामग्री के रचनात्मक उपयोग को बढ़ावा देते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगी।
साथ ही जयपुर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को शहर में प्रवेश करते ही राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आत्मीयता और ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा का सजीव अनुभव मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित