186 पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी, 2028 ओलंपिक मिशन के लिए विशेष स्कीम; जयपुर बनेगा राजस्थान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
जयपुर, 18 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार प्रदेश को खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में लगातार बड़े और ऐतिहासिक कदम उठा रही है। ‘खेलों के साथ भी-खेलों के बाद भी’ के विजन के तहत राज्य सरकार खिलाड़ियों को न केवल खेल के दौरान प्रोत्साहन दे रही है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आर्थिक, सामाजिक और पेशेवर सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही है।
सरकार ने वर्ष 2028 ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए ‘राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ शुरू की है। इस योजना के तहत 50 प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, कोचिंग, खेल किट और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। चयनित खिलाड़ियों को प्रतिमाह 25 हजार रुपए का आउट ऑफ पॉकेट भत्ता भी दिया जाएगा। इसके साथ ही जयपुर में राजस्थान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित होंगी।
योजना में 20 प्रतिशत सीटें पैरा खिलाड़ियों के लिए आरक्षित की गई हैं।
खिलाड़ियों के करियर को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने आउट ऑफ टर्न नियुक्ति नीति को प्रभावी रूप से लागू किया है। अब तक 186 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। क्रिकेटर रवि बिश्नोई, शूटर मानिनी कौशिक, घुड़सवार दिव्यकृति सिंह और कबड्डी खिलाड़ी सचिन सहित कई प्रतिभाओं को राजस्थान पुलिस सेवा में उप अधीक्षक जैसे प्रतिष्ठित पदों पर नियुक्त कर सम्मानित किया गया है।
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 1,786 खिलाड़ियों को लगभग 40 करोड़ 12 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की है। यह अनुदान खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी में मदद करेगा। खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम भी लागू की गई है, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को 25 लाख रुपए तक का जीवन और दुर्घटना बीमा कवर दिया जा रहा है।
साथ ही आधुनिक खेल उपकरण खरीदने के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार की ये योजनाएं स्पष्ट करती हैं कि प्रदेश अब खेल प्रतिभाओं को केवल प्रोत्साहित ही नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें वैश्विक मंच तक पहुंचाने और खेलों के बाद सुरक्षित भविष्य देने के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहा है। राजस्थान का यह मॉडल राज्य को देश के प्रमुख स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित