गोटन स्टेशन पर पहली बार लगी पेट बोतल क्रशर मशीन
प्लास्टिक मुक्त स्टेशन की पहल, पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को प्राथमिकता
जोधपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित गोटन रेलवे स्टेशन पर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए पहली बार पेट बोतल क्रशर मशीन स्थापित की गई है। जेके सीमेंट के सहयोग से लगाई गई यह मशीन स्टेशन को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा के दौरान उपयोग की गई खाली प्लास्टिक पानी की बोतलों को स्टेशन परिसर में इधर-उधर फेंकने के बजाय इस मशीन में डालें। इससे प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा और स्टेशन परिसर स्वच्छ बना रहेगा। उन्होंने बताया कि मशीन बोतलों को क्रश कर उनका आयतन काफी कम कर देती है, जिससे प्लास्टिक के संग्रहण, परिवहन और रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया अधिक आसान और प्रभावी हो जाती है। इससे प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। पुनर्विकसित गोटन स्टेशन पर आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
रेलवे का मानना है कि प्लास्टिक मुक्त गोटन अभियान तभी सफल होगा, जब यात्री भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं। खाली बोतलों को मशीन में डालकर यात्री न केवल स्टेशन की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को भी मजबूती देंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश