गायत्री परिवार करेगा युवा जागरण-शिक्षक सम्मेलनों का आयोजन
जयपुर, 23 मई (हि.स.)। किरण पथ मानसरोवर जयपुर स्थित वेदना निवारण केंद्र में रविवार को सुबह नौ बजे जन्मशताब्दी अनुयाज समीक्षा गोष्ठी होगी। अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से गायत्री परिवार की संस्थापिका भगवती देवी शर्मा और अखंड दीप जन्मशताब्दी वर्ष-2026 को जनआंदोलन को रूप देने के लिए गोष्ठी में अनेक निर्णय लिए जाएंगे। गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि समीक्षा गोष्ठी में उपजोन समन्वयक, जिला समन्वयक, मुख्य ट्रस्टी, विशेषज्ञ कार्यकर्ता एवं विभिन्न प्रकल्पों से जुड़े सक्रिय परिजन भाग लेंगे। गोष्ठी में जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत लिए गए संकल्पों, लक्ष्य पूर्ति की वर्तमान स्थिति तथा आगामी महीनों की कार्ययोजना पर गंभीर मंथन होगा। साथ ही संगठन विस्तार, साधना अभियान, नारी जागरण, युवा जागरण, शिक्षक सम्मेलन, संस्कार अभियान और ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंच बनाने की योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
गायत्री परिवार राजस्थान के शांतिकुंज में समन्वयक गौरीशंकर सैनी केन्द्रीय प्रतिनिधि के रूप में गायत्री परिवार की योजनाओं, संस्कार अभियानों और जागरण कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करने के सूत्र बताएंगे ताकि आने वाले समय में गायत्री परिवार के विचार, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण की चेतना जन-जन तक पहुंच सके।
गोष्ठी में विशेष रूप से यह समीक्षा की जाएगी कि जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत निर्धारित संकल्प गांव, कस्बों और शहरों तक किस स्तर पर पहुंचे हैं तथा किन क्षेत्रों में अभी कार्य विस्तार की आवश्यकता है। अब तक अछूते क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित टीमों का गठन किया जाएगा, ताकि गायत्री परिवार की विचारधारा, युग निर्माण अभियान और भारतीय संस्कृति आधारित जीवनदृष्टि को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में तहसील समन्वय समिति के गठन एवं सक्रियता पर भी विशेष जोर रहेगा। प्रत्येक तहसील में मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार कर नियमित मासिक गोष्ठियों का आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही 13 आंदोलनों एवं 79 बिंदुओं से संबंधित त्रैमासिक प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा कर कार्यों की गति तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी।
राजस्थान जोन कार्यालय ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि साधना फॉर्म ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से अधिकाधिक संख्या में भरवाए जाएं, ताकि साधकों तक साधना किट समय पर पहुंचाई जा सके। इसके अतिरिक्त मातृशक्ति स्मृति उपवनों का डिजिटल प्रदर्शन, पर्यावरण चेतना अभियान तथा सामाजिक जागरण कार्यक्रमों को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक जिले से संभावित प्रतिभागियों की संख्या निर्धारित कर संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह समीक्षा अभियान केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि समाज में वैचारिक जागरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश